कोंकण रेलवे के महत्वपूर्ण वैभववाड़ी सेक्शन पर जल्द शुरू होगा काम

नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। कोंकण रेलवे के 103 किलोमीटर लंबे वैभववाड़ी सेक्शन पर काम जल्दी ही शुरू होगा।

यह फैसला बुधवार को नई दिल्ली में वाणिज्य तथा उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु की अध्यक्षता में हुई कोंकण रेलवे की समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष, कोंकण रेलवे के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

प्रभु ने कहा कि कोल्हापुर-वैभववाड़ी रेल सेक्शन न केवल कोंकण रेलवे के लिए बल्कि संबंधित क्षेत्र और पूरे महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी होगा। इससे महाराष्ट्र का तटवर्ती क्षेत्र राज्य के पश्चिमी हिस्से से सीधे जुड़ जाएगा जिससे तटवर्ती क्षेत्र के बंदरगाहों का तेज विकास होगा, दूसरी ओर राज्य के भीतर से तटवर्ती क्षेत्रों तक सामानों की आवाजाही सुगम हो जाएगी।

मंत्री ने कहा कि रेल लाइन बन जाने से महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र के रत्नागिरी जिले में वैभववाड़ी के पास बनाए जा रहे दुनिया के सबसे बड़े तेल शोधन संयंत्र सह पेट्रोकेमिकल परिसर से पेट्रोलियम की आपूर्ति सुगम हो जाएगी। 40 अरब डॉलर की लागत से तैयार हो रहा यह संयंत्र इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा बनाया जा रहा है। इसके 2022 तक तैयार हो जाने की उम्मीद है। इसकी सालाना तेल शोधन क्षमता छह करोड़ मीट्रिक टन होगी।

उन्होंने कहा कि इस संयंत्र से पेट्रोकेमिकल की आपूर्ति वैभववाड़ी लाइन के जरिए तटवर्ती क्षेत्र तक आसानी से की जा सकेगी। भविष्य में राज्य का आर्थिक विकास राज्य के तटवर्ती क्षेत्रों का राज्य तथा देश के मुख्य हिस्सों से जुड़ने पर निर्भर करेगा।

कोंकण रेलवे के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक ने उन्हें बताया कि कोंकण क्षेत्र में और गांवों तथा छोटे शहरों के लिए रेल सेवाएं बढ़ाने के लिए ही इस मार्ग पर नए-नए स्टेशन बनाए जा रहे हैं। पहला स्टेशन अगले साल जनवरी में तैयार हो जाएगा।

कोल्हापुर-वैभववाड़ी लाइन को रेल मंत्रालय की ओर से मंजूरी मिल चुकी है। इसके निमार्ण पर आने वाले खर्च का 50 फीसदी हिस्सा भारतीय रेल वहन करेगी जबकि बाकी महाराष्ट्र सरकार देगी।

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