शिमला, 6 अगस्त (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश की राजधानी में चार साल पहले युग गुप्ता नाम के बच्चे का अपहरण कर उसकी हत्या कर देने के सनसनीखेज मामले में एक स्थानीय अदालत ने सोमवार को उसके तीन पड़ोसियों को दोषी करार दिया।
युग का कंकाल अगस्त 2016 में नगर निगम के एक जल आपूर्ति टैंक से बरामद किया गया था। वह दो साल पहले लापता हुआ था। बच्चे को यातनाएं दी गई थीं, उसे भूखा रखा गया था और टैंक में फेंकने से पहले उसे शराब पीने के लिए मजबूर किया गया था।
जिला एवं सत्र न्यायालय विरेंद्र सिंह ने चंद्र शर्मा, तेजिंदर सिंह और विक्रांत को हत्या के लिए दोषी ठहराया।
मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी, जिसमें इन तीनों को सजा सुनाई जा सकती है। अदालत ने 26 जुलाई को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
मृतक के पिता विनोद गुप्ता ने कहा कि न्यायापलिका में उनका पूरा विश्वास है और उनके बेटे को न्याय जरूर मिलेगा। उन्होंने आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है।
पुलिस के अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) ने बच्चे के पड़ोसी तीनों युवकों पर फिरौती के लिए हत्या का आरोप लगाया था। यह तीनों अगस्त 2016 से पुलिस की हिरासत में हैं।
पिछले साल जिला अदालत परिसर में चंद्र शर्मा और तेजिंदर सिंह को सुनवाई के लिए ले जाते वक्त गुस्साई भीड़ ने इन पर हमला बोल दिया था।
आरोप पत्र में मामले के 114 गवाहों का उल्लेख किया गया और उनमें से 100 से ज्यादा के बयान दर्ज किए गए।
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