जकार्ता, 24 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय महिला कबड्डी टीम को यहां 18वें एशियाई खेलों के फाइनल में शुक्रवार को ईरान से हार कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
मौजूदा चैम्पियन भारत को एक संघर्षपूर्ण मुकाबले में 24-27 से मात खानी पड़ी। एशियाई खेलों में ईरान का यह पहला स्वर्ण पदक है।
एशियाई खेलों में यह पहली बार है, जब भारत के अलावा कोई अन्य टीम ने स्वर्ण पदक जीता है। 2010 में महिला कबड्डी को एशियाई खेलों में शामिल करने के बाद से भारत लगातार दो बार से स्वर्ण पदक जीतता आ रहा था।
वहीं, दूसरी तरफ ईरान के लिए यह एक ऐतिहासिक जीत है क्योंकि उसके दोनों पुरुष और महिला टीम ने पहली बार फाइनल में प्रवेश किया है। ईरान की महिला टीम को पिछली बार 2014 के एशियाई खेलों के फाइनल में भारत से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा था।
एशियाई खेलों में पहली बार हिस्सा ले रहीं भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तान पायल चौधरी ने रेड मारकर भारत का खाता खोला। ईरान की रेडर सादिगेह जाफरी ने रेड मारकर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया।
यहां रणदीप कौर खेरा, पायल और शोनाली की रेडिंग के साथ-साथ रितु नेगी और साक्षी के डिफेंस के दम पर भारत ने ईरान के खिलाफ 13-8 की बढ़त बना ली थी लेकिन ईरान ने अजादेह की रेडिंग और अपने डिफेंस से पहले हाफ में भारत के खिलाफ स्कोर 11-13 कर लिया।
दूसरे हाफ में ईराने ने अच्छी वापसी की और अपने रेडिंग और डिफेंस से भारतीय टीम पर दबाव बनाते हुए 24-20 से बढ़त बना ली।
यहां भारत की डिफेंडर रितु नेगी ने अच्छी कोशिश कर एक अंक लिया और भारत का स्कोर 21-14 किया। अपनी कमजोर रेडिंग के कारण भारत एक बार फिर ईरान से चार अंक से पिछड़ गया।
भारत के पास अपनी हार को जीत में तब्दील करने के लिए केवल तीन मिनट का समय बाकी था।
साक्षी ने यहां सुपर रेड मारकर तीन अंक लिए और पासा पलटते हुए स्कोर 25-25 कर दिया था लेकिन ईरान ने यहां आखिर में दम लगाते हुए इस मैच को 27-24 से जीत कर स्वर्ण पदक जीत लिया।
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