तिरुवनंतपुरम, 25 अगस्त (आईएएनएस)। केरल में आई इस सदी की सबसे भयानक बाढ़ की वजह से राज्य के राहत शिविरों में रह रहे लोगों ने अस्थायी तौर पर ही सही, कुछ देर के लिए अपने गमों को भूलाकर ओनम उत्सव मनाया।
इस उत्सव के दूसरे दिन शनिवार को ‘थिरु ओनम’ मनाया जा रहा है।
शिविर में महिलाओं व पुरुषों ने शिविर अधिकारियों से एनजीओ व विभिन्न संस्थाओं से भोजन लेने के स्थान पर खुद के लिए ‘सद्या’ बनाने का आग्रह किया, जिसके बाद अधिकारियों ने लोगों को सब्जी और अन्य सामग्री उपलब्ध कराई।
निश्चित ही ‘सद्या’ के दौरान बनाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के 26 पकवान बनान संभव नहीं है, लेकिन लोग जितना बना पा रहे थे, वे उसे ही बना कर खुश दिख रहे थे।
शिविरों में रह रहे बच्चे फूल चुन कर फूलों की कालीन तैयार करने की कोशिश कर रहे थे।
केरल में 29 मई को मॉनसून शुरू होने के बाद अबतक कुल 417 लोगों की जान जा चुकी है। बाढ़ से हुई क्षति के बाद लाखों लोग अपने घरों को छोड़ राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
अलप्पुझा में बीते पांच दिनों से शिविर में रह रही एक महिला ने कहा, “हमने एक प्रायोजित ओनम ‘सद्या’ को स्वीकार करने से इंकार कर दिया है, हमारा खुद का भोजन हमारे लिए एक बड़ी सफलता होगी।”
केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने शुक्रवार शाम कहा था कि राज्य के छोटे, बड़े सभी 2,787 शिविरों में करीब 8.69 लाख लोग रह रहे हैं।
dharmpath.com dharmpath