पणजी, 25 अगस्त (आईएएनएस)। विदेश राज्यमंत्री एम.जे. अकबर ने शनिवार को उन लोगों की बुद्धि पर सवाल उठाया, जो 2017 के डोकलाम गतिरोध मसले को सुलझाने को लेकर मोदी सरकार की आलोचना करते हैं।
अकबर ने डोकलाम गतिरोध को भारत की परीक्षा लेने की कोशिश करार दिया और कहा कि भारत सरकार ने मौन रहकर जिस प्रकार संकट को सुलझाया, वह महत्वपूर्ण है।
केंद्रीय मंत्री के बयान से एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लंदन में एक संवाद के दौरान डोकलाम गतिरोध का समाधान करने में भारत सरकार के तरीके की आलोचना की थी और केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था कि सरकार के पास चीन और पाकिस्तान का सामना करने के लिए सामंजस्यपूर्ण नीति का अभाव है।
प्रदेश की राजधानी से 15 किलोमीटर दूर मापुसा स्थित एक शैक्षणिक संस्थान में एक कार्यक्रम के दौरान अकबर ने कहा, “जो लोग ऐसी बात कर रहे हैं, उनके लिए मैं कोई कठोर शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहता हूं, क्योंकि वह उचित नहीं होगा, लेकिन उन्होंने साफ तौर पर यह साबित कर दिया है कि उनके पास कोई ज्ञान, समझ और शासन को समझने की बुद्धि नहीं है।”
हालांकि अकबर ने अपने भाषण में राहुल गांधी का नाम नहीं लिया।
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