श्रीनगर, 13 नवंबर – जम्मू एवं कश्मीर में वर्ष 2010 में ‘फर्जी मुठभेड़’ में तीन युवकों को मौत के मामले में सात सैनिकों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यह जानकारी गुरुवार को दी। उमर ने ट्विटर पर लिखा, “सेना ने 2010 के माछिल फर्जी मुठभेड़कांड में कमांडिंग अफसर (सीओ) सहित सात सैनिकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह एक स्वागतयोग्य कदम है।”
सेना ने तीन मई, 2010 को कुपवाड़ा जिले के नजदीक माछिल इलाके में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास शहजाद अहमद, मुहम्मद शफी और रियाज अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तीनों युवक बारामूला जिले के नदिहाल गांव के रहने वाले थे।
उमर ने ट्वीट में लिखा, “मैं आशा करता हूं कि हमें दोबारा माछिल फर्जी मुठभेड़ जैसी घटनाएं देखने को नहीं मिलेंगी। इसे हम एक चेतावनी के रूप में लें।”
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