प्रधान न्यायाधीश पद पर गोगोई की नियुक्ति के लिए केंद्र को पत्र

नई दिल्ली, 4 सितम्बर (आईएएनएस)। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा ने मंगलवार को केंद्र को एक पत्र लिखा जिसमें उन्होंने अपने उत्तराधिकारी के तौर पर न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की नियुक्ति की सिफारिश की है।

वरिष्ठता के सिद्धांत का अनुसरण करते हुए न्यायमूर्ति मिश्रा ने न्यायमूर्ति गोगोई को इस पद के लिए चुना है, जो उनके बाद सर्वोच्च न्यायालय के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं।

नियम के अनुसार, सेवानिवृत्त होने वाले प्रधान न्यायाधीश अपना कार्यालय छोड़ने से 30 दिन पहले अपने उत्तराधिकारी की सिफारिश भेजते हैं ताकि प्रधान न्यायाधीश-नामित का नाम समय पर सामने आ सके।

अगर सिफारिश केंद्र सरकार द्वारा मान ली जाएगी, तो न्यायमूर्ति गोगोई को 3 अक्टूबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाएंगे।

प्रधान न्यायाधीश मिश्रा 2 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। लेकिन 2 अक्टूबर को गांधी जयंती है, इसलिए 1 अक्टूबर उनका अंतिम कार्यदिवस होगा।

केंद्रीय कानून मंत्रालय ने अगस्त के अंतिम सप्ताह में प्रधान न्यायाधीश से उनके उत्तराधिकारी के नाम की सिफारिश भेजने के लिए कहा था।

न्यायमूर्ति गोगोई सर्वोच्च न्यायालय के उन न्यायाधीशों में शामिल हैं जिन्होंने इस वर्ष जनवरी में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर सर्वोच्च न्यायालय के प्रशासन को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने साथ ही कहा था कि ‘यह व्यवस्थित नहीं है।’

अन्य तीन न्यायाधीश न्यायामूर्ति जे. चेलमेश्वर (सेवानिवृत्त), न्यायमूर्ति एम.बी. लोकुर और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ थे।

न्यायमूर्ति गोगोई असम से हैं और उस विशेष पीठ के अध्यक्ष हैं जो राज्य के नागरिकों की पहचान के लिए नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस के उन्नयन (अपडेशन) की जांच कर रही है।

1954 में जन्मे न्यायमूर्ति गोगोई 1978 में बार में शामिल हुए। वह 28 फरवरी 2001 को गुवाहाटी उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश नियुक्त हुए।

उन्हें सितंबर 2010 को पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय स्थानांतरित कर दिया गया और 2011 को इसके मुख्य न्यायाधीश बने। उन्हें अप्रैल 2012 में सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया।

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