चंडीगढ़, 17 नवंबर – विवादित संत रामपाल को गिरफ्तार न कर पाने के मामले में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय से फटकार मिलने के बाद हरियाणा सरकार ने रामपाल के समर्थकों को बरवाला स्थित सतलोक आश्रम खाली करने का आदेश दिया है। हिसार के उपायुक्त एम. एल. कौैशिक ने सोमवार को कहा, “क्योंकि बाबा रामपाल के खिलाफ पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी किया है, इसीलिए बाबारामपाल के अनुयायियों और भक्तों को जल्द से जल्द आश्रम खाली करने के लिए कहा गया है।
उन्होंने कहा, “उच्च न्यायालय ने पुलिस को बाबा रामपाल की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं, और उन्हें जल्द से जल्द न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए कहा है।”
रामपाल के अनुयायियों को कानून के क्रियान्वन में किसी प्रकार की बाधा पैदा न करने की चेतावनी देते हुए उपायुक्त ने कहा कि जो भी रामपाल समर्थक शांतिपूर्वक आश्रम से बाहर आएंगे उन्हें रेलवे स्टेशन और बस अड्डा तक पहुंचाने की व्यव्स्था की जाएगी।
यहां से 210 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रामपाल के आश्रम के बाहर सैकड़ों महिलाओं और बच्चों समेत तकरीबन हजार से भी ज्यादा समर्थक पिछले 15 दिनों से भी ज्यादा समय से डेरा डाले हुए हैं। वे पुलिस को रामपाल को गिरफ्तार करने के लिए आश्रम के अंदर नहीं जाने दे रहे हैं।
रामपाल गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं, और वह गैर जमानती वारंट जारी होने से पहले अदालत के सामने भी पेश नहीं हुए। उच्च न्यायालय ने पांच नवंबर को रामपाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।
अपने वकील द्वारा अदालत में दिए गए चिकित्सकीय प्रमाण पत्र के आधार पर रामपाल सोमवार को भी न्यायालय में पेश नहीं हुए।
सोमवार को उच्च न्यायालय ने हरियाणा सरकार और पुलिस को रामपाल की गिरफ्तारी न करने के मामले में कड़ी फटकार लगाई और उन्हें जल्द से जल्द अदालत में पेश करने को कहा।
आश्रम के बाहर रविवार सुबह से ही तनाव व्याप्त है क्योंकि सैकड़ों पुलिसकर्मियों ने परिसर को चारों ओर से घेर लिया था। आश्रम परिसर के बाहर मौजूद समर्थक पुलिस को अंदर नहीं जाने दे रहे हैं।
रामपाल पर हत्या, भीड़ को उकसाने एवं अदालत की अवमानना का आरोप है। यह तीसरा मौका है जब रामपाल अदालत के सामने पेश नहीं हुए हैं।
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