सुमित्रा ने एक राष्ट्र एक चुनाव के पक्ष में आवाज उठाई

शिमला, 22 सितम्बर (आईएएनएस)। लोकसभाध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश में लोकसभा और विधानसभाओं का चुनाव एक साथ कराने की अवधारणा का अनुमोदन किया।

लोकसभाध्यक्ष ने कहा कि बार-बार चुनाव आचार संहिता लागू होने से विकास कार्य बाधित होता है।

सुमित्रा महाजन यहां कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन रीजन-4 के सम्मेलन में बोल रही थीं। सम्मेलन में हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर और गुजरात के अलावा मेजबान हिमाचल प्रदेश की विधानसभाओं के अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और विधायकों ने हिस्सा लिया।

उन्होंने कहा, “हम अपनी चिंताएं सामने लाने के लिए सिर्फ अपना विचार साझा कर रहे हैं। हम यहां कोई फैसला नहीं कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “भारत में पहले भी लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होने की प्रथा रही है। हमें इस मसले पर चिंतन करने की जरूरत है। देश में एक के बाद दूसरे चुनाव के बीच चुनाव आचार संहिता से आमतौर पर विकास की प्रक्रिया बाधित होती है और योजनाएं अटक जाती हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “इस प्रक्रिया में बहुत ज्यादा धन खर्च होता है।”

महाजन ने कहा कि समुचित बहस और संवैधानिक पहलुओं समेत सभी मसलों पर विचार करने के बाद देश को इस पर फैसला लेना है।

उन्होंने कहा, “एक राष्ट्र एक चुनाव की अवधारणा से निस्संदेह धन और समय की बचत होगी, लेकिन इसके मार्ग में संवैधानिक अड़चनों का पहले समाधान करने की जरूरत है।”

जम्मू एवं कश्मीर के विधानसभा अध्यक्ष निर्मल सिंह ने इस मामले में आम सहमति पर जोर दिया।

गुजरात के विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र सूर्यप्रसाद त्रिवेदी ने कहा कि एक साथ चुनाव से न सिर्फ धन की बचत होगी बल्कि समय भी बचेगा।

हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष कंवर पाल ने कहा कि विभिन्न निकायों के चुनाव पूरे पांच वर्ष तक जारी रहते हैं और जनप्रतिनिधियों को अपना काम करने के लिए पूरा समय नहीं मिलता है।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव वक्त की मांग है।

उधर, कांग्रेस नेता और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एक साथ चुनाव कराना असंवैधानिक और अव्यावहारिक होगा।

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