छग में अब विवाहित बेटी परिवार का हिस्सा (फोटो सहित)

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में यहां उनके निवास पर हुई बैठक में राज्य की आदर्श पुनर्वास नीति 2007 में उल्लिखित प्रभावित परिवार की नई परिभाषा प्रतिस्थापित की गई, जिसके तहत प्रभावित परिवार से आशय कोई प्रभावित व्यक्ति, उसकी पत्नी या पति तथा अवयस्क संतान और प्रभावित व्यक्ति पर आश्रित माता, पिता, विधवा बहन या अविवाहित पुत्री। अविवाहित पुत्री नहीं होने पर विवाहित पुत्री इसमें शामिल होगी। पहले परिवार की परिभाषा में विवाहित पुत्री शामिल नहीं थी।

यहां जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, छत्तीसगढ़ नि: शक्तजन वित्त एवं विकास निगम को राज्य शासन की ओर से स्वीकृत 36 करोड़ रुपये की प्रत्याभूति राशि पर लगने वाले 0.5 प्रतिशत प्रत्याभूति शुल्क की छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया। डीजल तथा पेट्रोल पर वैट की दर में कमी किए जाने संबंधी जारी अधिसूचना का अनुमोदन किया गया। बैठक में नवा छत्तीसगढ़ 2025 अटल दृष्टि पत्र का अनुमोदन किया गया।

अटल दृष्टि-पत्र के बारे में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा, “यह दृष्टि-पत्र किसी पार्टी या किसी एक व्यक्ति की विचारधारा का नहीं है, बल्कि यह दृष्टि-पत्र छत्तीसगढ़ के निवासियों की आकांक्षाओं और सपनों का प्रतीक है। यह हमें हमारे कर्तव्यों और वचनों को याद दिलाता रहेगा। यह एक निर्णायक कदम है, जिसे आधार बनाकर वर्ष 2025 तक छत्तीसगढ़ एक स्मार्ट, सशक्त, समृद्ध, हरित और खुशहाल राज्य बनेगा।”

उन्होंने कहा, “यह दृष्टि-पत्र हमारे प्रदेश को और भी बेहतर दिशा देने की क्षमता रखता है और मेरा पूर्ण विश्वास है कि हम छत्तीसगढ़ी अपने सपनों का छत्तीसगढ़ बनाने के लिए सदैव प्रयासरत रहेंगे।”

उन्होंने कहा, “मेरा सपना है कि छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य बने जहां, आर्थिक, शैक्षिक, लैंगिग और सामाजिक समानता हो, जहां हर किसी के सिर पर छत हो, गरीबी और अशिक्षा जैसे शब्द का जिक्र सिर्फ किताबों में रह जाए, जहां के बच्चे-बच्चियां कलेक्टर, डॉक्टर जैसे उच्च पदों पर आसीन हों और देश और राज्य की सेवा करें।”

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