समिति के वरिष्ठ सदस्य एडवोकेट राकेश कृष्ण शर्मा ने आईपीएन को बताया कि समिति द्वारा नवरात्रि के प्रथम दिवस 10 अक्टूबर से हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गई थी। 9 नवंबर तक राजधानी लखनऊ के 1221 श्रद्धालु भक्तों ने हस्ताक्षर कर गौमाता को राज्यमाता घोषित किए जाने में अपनी सहमति व्यक्त की है। समिति द्वारा 2019 की गोपाष्टमी तक एक लाख एक (1,00001) हस्ताक्षर कराने का लक्ष्य रखा गया है।
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