कलेक्टोरेट स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं प्रशिक्षण के नोडल अधिकारी दीपक सोनी, मास्टर ट्रेनर रमेश डेढगवे और डॉ. अजीत हुंडैत ने माइक्रो ऑब्जर्वरों को मतणना के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण में बताया गया कि माइक्रो ऑब्जर्वर को मतगणना के दौरान किसी कार्य में अपने आप को संलग्न नहीं करना है। माइक्रो ऑब्जर्वर का कार्य पूरी प्रक्रिया का सूक्षमता के साथ अवलोकन कर उसे निर्धारित प्रपत्र में अंकित कर सामान्य प्रेक्षक को देना है।
प्रशिक्षण में बताया गया कि मतगणना में हर विधानसभा क्षेत्रवार मतगणना कक्ष में 14-4 टेबल लगाई जाएगी। इसमें हर एक टेबल पर एक-एक माइक्रो ऑब्जर्वर को गणना सुपरवाइजर और गणना सहायक के साथ बैठना होगा। डाक मतपत्र की गणना के लिए एक माइक्रो ऑब्जर्वर और एक-एक माइक्रो ऑब्जर्वर टेबुलेशन (गणना) के लिए अलग से नियुक्त रहेंगे। इस तरह एक विधानसभा क्षेत्र की मतगणना के लिए कुल 16 माइक्रो ऑब्जर्वर रहेंगे।
आयोग की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मतगणना स्थल पर माइक्रो ऑब्जर्वर किसी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट नहीं ले जा सकेंगे। मतगणना के दिन माइक्रो ऑब्जर्वर को सुबह 6 बजे मतगणना स्थल में उपस्थित होने को कहा गया है।
मतगणना में सबसे पहले 8 बजे से डाक मतपत्रों की गणना शुरू होगी। इसके बाद सुबह साढ़े 8 बजे से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की कंट्रोल यूनिट से मतगणना शुरू की जाएगी। माइक्रो ऑब्जर्वर को प्रशिक्षण के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के प्रमुख वैधानिक प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। मतगणना खत्म होते तक गणना लगातार जारी रहेगी।
माइक्रो ऑब्जर्वर को टेबल के पास बैठने के तरीके की जानकारी मतगणना के दिन सुबह 6 बजे मतगणना स्थल पर ही दी जाएगी। माइक्रो ऑब्जर्वर का अगला प्रशिक्षण शंकरनगर स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में 10 दिसंबर को दोपहर 2 बजे होगा।
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