मप्र में जनादेश को लेकर हर वर्ग में जिज्ञासा

भोपाल, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे मंगलवार को आने वाले हैं। यह जनादेश सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अथवा विपक्षी दल कांग्रेस के हक में जा सकता है। मगर आम लोगों में इस जनादेश को लेकर पिछले चुनावों के मुकाबले अधिक जिज्ञासा है। वे नए जनादेश के सहारे राज्य में विकास की बयार के सपने भी संजो रहे हैं।

भोपाल, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे मंगलवार को आने वाले हैं। यह जनादेश सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अथवा विपक्षी दल कांग्रेस के हक में जा सकता है। मगर आम लोगों में इस जनादेश को लेकर पिछले चुनावों के मुकाबले अधिक जिज्ञासा है। वे नए जनादेश के सहारे राज्य में विकास की बयार के सपने भी संजो रहे हैं।

राज्य में बीते डेढ़ दशक से भाजपा की सरकार है और उसने इस चुनाव को जीतकर इतिहास रचने की हरसंभव कोशिश की है, तो दूसरी ओर कांग्रेस ने राजनीतिक वनवास खत्म करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया है। मतदान का प्रतिशत पिछले चुनाव से कहीं बेहतर रहा है, यही कारण है कि दोनों दलों की ओर से अपनी-अपनी जीत के दावे किए जा रहे हैं।

मतदान के बाद विभिन्न समाचार चैनलों के आए एग्जिट पोल के बाद राज्य के राजनीति क्षितिज पर धुंधलका-सा छा गया है। अलग-अलग रुझानों ने नतीजों को लेकर लोगों में बहस को तो जन्म दिया ही है, जिज्ञासा भी बढ़ा दी है। हर वर्ग से जुड़े लोगों को 11 दिसंबर का बेसब्री से इंतजार है।

राजनीतिक विश्लेषक साजी थॉमस कहते हैं, “यह चुनाव दो तरह से महत्वपूर्ण है। एक तो राज्य में 15 साल से और साढ़े चार साल से भाजपा की सरकार है, साथ ही सरकार की योजनाओं से खुश और नाराज लोगों का समूह है। इसके अलावा कांग्रेस के पास भाजपा की कमियां गिनाने के अतिरिक्त सरकार में आने पर किसान, युवाओं को बेहतर अवसर देने के वादे हैं।”

उन्होंने कहा, “अब लोगों को चुनना है कि जो सरकार है वही जारी रहे, अथवा कांग्रेस सत्ता में आए। यह चयन आसान नहीं है, लिहाजा नतीजे जो आएंगे, चौंकाने वाले तो होंगे ही, लोगों को नया भरोसा देने वाले भी होंगे। यही कारण है कि जनादेश के लिए जिज्ञासा ज्यादा है और बेसब्री से इंतजार है।”

राज्य की कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष कमलनाथ का दावा है कि राज्य में कांग्रेस की सरकार बन रही है, और 140 से ज्यादा सीटें कांग्रेस के खाते में आने वाली हैं।

वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पूर्ण बहुमत से भाजपा की सरकार बनने का दावा कर रहे हैं। वे एग्जिट पोल पर तंज कसते हुए कहते हैं कि उनसे बड़ा सर्वेयर प्रदेश में दूसरा कोई नहीं है, क्योंकि वह हर वर्ग के लोगों के बीच गए हैं।

राज्य में विधानसभा की 230 सीटें हैं, बहुमत के लिए 115 से ज्यादा सीटों पर जीत जरूरी है। वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 165 सीटें जीती थीं, और कांग्रेस 57 सीटें ही जीत सकी थी। बीते तीन चुनावों से भाजपा जीतती आ रही है।

कांग्रेस सत्ता में वापसी चाहती है। यही कारण है कि इस बार के चुनाव ज्यादा रोचक और कशमकश भरे रहे हैं। मतदान 28 नवंबर को हो चुका है और लोगों में नतीजे जानने की जिज्ञासा बढ़ गई है।

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