इंडोनेशिया : ज्वालामुखी अलर्ट स्तर बढ़ने से विमान सेवाओं के मार्ग बदले (लीड-1)

जकार्ता, 27 दिसम्बर (आईएएनएस)। इंडोनेशिया के अनाक क्राकाताउ ज्वालामुखी के आसपास सभी विमानों के मार्गो में फेरबदल कर दिया गया है और चेतावनी को दूसरे उच्चतम संभावित स्तर तक बढ़ा दिया गया है। यहां कुछ दिन पहले ज्वालामुखी फटने से आई सुनामी में करीब 400 लोग मारे गए थे।

इंडोनेशिया के नेशनल बोर्ड फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट (बीएनपीबी) के अनुसार, चेतावनी के चार स्तर में से स्तर को दो से बढ़ाकर तीन कर दिया गया है। ज्वालामुखी के पास के खाली क्षेत्र को पांच किलोमीटर तक बढ़ा दिया गया है।

एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुर्वो नुग्रोहो ने कहा, “अनाक क्राकाताउ ज्वालामुखी के पांच किलोमीटर के दायरे में लोगों और पर्यटकों की किसी भी प्रकार की गतिविधि पर प्रतिबंध लगाया गया है।”

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, एयर ट्रैफिक कंट्रोल एजेंसी एयरनव इंडोनेशिया ने कहा कि वह इलाके में कुछ विमान मार्गो को बंद कर रही है क्योंकि ज्वालामुखी के राख की वजह से ‘रेड अलर्ट’ की स्थिति पैदा हो गई है।

एजेंसी के मैनेजर के अनुसार, ज्वालामुखी फटने से करीब 20 से 25 विमानों के संचालन पर असर पड़ा है, जिसमें आस्ट्रेलिया, सिंगापुर और मध्य-पूर्व से आने-जाने वाले विमान भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि व्यवधान कम होने की संभावना है, लेकिन यात्रियों को लंबी यात्रा का अनुभव करना पड़ सकता है और मार्ग बदलने की वजह से विमानों को और ज्यादा ईंधन की जरूरत पड़ेगी।

अधिकारियों ने कहा कि अनाक क्राकाताउ लगातार सक्रिय बना हुआ है।

जलडमरूमध्य के दोनों तरफ रहने वाले नागरिकों को अन्य सुनामी के खतरे के मद्देनजर तटों से दूर रहने के लिए कहा गया है।

हवा तेज बहने की वजह से ज्वालामुखी की राख इसके आस-पास के क्षेत्र में फैल गई है, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि यह ‘खतरनाक नहीं’ है और लोगों को मास्क लगाने और चश्मा पहनने के लिए कहा गया है।

बीएनपीबी ने कहा है कि समुद्र के अंदर एक नया क्रेटर छिद्र हो सकता है और इसमें लगातार विस्फोट हो रहे हैं। एक मिनट में कई बार विस्फोट की आवाजें सुनी जा रही हैं।

देश में 22 दिसम्बर को ज्वालामुखी विस्फोट से आई सुनामी में 400 से अधिक लोगों की मौत हो गई जबकि 22,000 से अधिक लोग विस्थापित हो गए हैं।

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