बिहार में 38 प्रतिशत अधिक कर राजस्व संग्रह : सुशील मोदी

पटना, 28 दिसंबर (आईएएनएस)। बिहार के उपमुख्यमंत्री और वित्तमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार के कुल कर राजस्व का 70 प्रतिशत वाणिज्य कर विभाग संग्रहीत करता है। उन्होंने कहा कि 2018-19 के 27,000 करोड़ लक्ष्य के विरुद्ध नवंबर, 2018 तक 15,466 करोड़ की वसूली हुई है जो पिछले वर्ष की तुलना में 38 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने कहा मूल्य वर्धित कर (वैट) के दौर के 1़69 लाख करदाता की तुलना में वर्तमान में 3़87 लाख करदाता निबंधित हैं, जिनमें 2़18 लाख नए करदाता हैं।

पटना में ‘बिहार वित्त सेवा के 90 नवनियुक्त पदाधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम’ की शुरुआत करते हुए मोदी ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर परिषद (जीएसटी कौंसिल) छोटे करदाताओं को राहत देने के लिए 20 लाख के टर्नओवर को बढ़ाकर 75 लाख करने, 50 लाख तक के टर्नओवर वाले सेवा प्रदाताओं के लिए कम्पोजिशन स्कीम लाने, कंस्ट्रक्शन सेक्टर में लगने वाले 12 व 18 प्रतिशत कर की दर को घटा कर पांच प्रतिशत करने पर विचार कर रही है।

उन्होंने कहा कि अब तंबाकू पदार्थ, लक्जरी वाहन, एयर कंडिशनर, कोकोकोला जैसे मात्र 10 वस्तुओं पर ही 28 प्रतिशत कर हैं, शेष सभी वस्तुओं व सेवाओं से कर की दर घटा कर 18, 12 व पांच प्रतिशत कर दी गई है।

उन्होंने कहा, “वर्ष 2017-18 में पूरे देश में जहां जीएसटी का औसत मासिक संग्रह 89,700 करोड़ था, वहीं 2018-19 में यह बढ़कर 97,100 हो गया है।”

मोदी ने जीएसटी को आजादी के बाद देश का सबसे बड़ा अप्रत्यक्ष कर सुधार बताते हुए कहा कि पहले 17 तरह के कर लगते थे। देश के अंदर एक से दूसरे राज्यों के बीच जांच चौकी होती थी। जीएसटी लागू होने के बाद ‘वन नेशन, वन टैक्स, वन मार्केट’ की अवधारणा साकार हुआ।

उन्होंने कहा, “दुनिया के अनेक देशों में जहां जीएसटी लागू होने के बाद महंगाई बढ़ी, वहीं भारत में जीएसटी लागू होने के बावजूद अनेक वस्तुओं पर कर की दर कम होने से महंगाई की दर नियंत्रित रही।”

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