भोपाल/उज्जैन 7 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में शनिश्चरी अमावस्या पर क्षिप्रा नदी में गंदे पानी में श्रद्घालुओं के स्नान करने का मामला सामने आने पर संभागायुक्त (कमिश्नर) और जिलाधिकारी (कलेक्टर) को हटा दिया गया है।
भोपाल/उज्जैन 7 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में शनिश्चरी अमावस्या पर क्षिप्रा नदी में गंदे पानी में श्रद्घालुओं के स्नान करने का मामला सामने आने पर संभागायुक्त (कमिश्नर) और जिलाधिकारी (कलेक्टर) को हटा दिया गया है।
सीएमओ की ओर से सोमवार को ट्वीट कर बताया गया है कि, राज्य के उज्जैन में शनिश्चरी अमावस्या में स्नान की अव्यवस्थाओं पर मुख्यमंत्री कमल नाथ पर सख्त रवैया है और मुख्य सचिव एस आर मोहंती के प्रतिवेदन पर संभागायुक्त एम बी ओझा और जिलाधिकारी मनीष सिह को हटा दिया गया है।
शनिश्चरी अमावस्या पर हजारों श्रद्घालु उज्जैन की क्षिप्रा नदी में स्नान करने पहुंचे थे, मगर नदी में बहुत कम पानी था और श्रद्घालुओं को कीचड़युक्त पानी में स्नान करना पड़ा था। यह मामला कई मीडिया रिपोर्ट में सामने आया। उसके बाद सरकार हरकत में आई।
संभवत: कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहली बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई है। इसके जरिए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने नौकरशाहों केा संदेश देने की कोशिश की है कि, किसी भी तरह की लापरवाही ओर गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं भाजपा इस मसले को मुददा बना पाती उससे पहले ही मुख्यमंत्री ने कार्रवाई कर दी है।
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