कोलकाता, 8 जनवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में मजदूर संघों द्वारा दो दिवसीय आहूत हड़ताल का मंगलवार को आम जनजीवन पर आंशिक असर देखने को मिला।
यह हड़ताल मोदी सरकार की ‘कॉर्पोरेट समर्थक, राष्ट्र विरोधी और जन विरोधी नीतियों’ के विरोध में आहूत की गई है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सुजान चक्रवर्ती सहित कई वरिष्ठ वामपंथी नेताओं को कोलकाता में विभिन्न जगहों पर धरना देने के दौरान हिरासत में लिया गया।
चक्रवर्ती ने आईएएनएस को बताया, “हमें जादवपुर से पुलिस द्वारा उठाया गया और हिरासत में ले लिया गया। हमारी हड़ताल केंद्र में मोदी सरकार के कुशासन के खिलाफ है, लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार इस हड़ताल को नाकाम करने की कोशिश कर रही है। वास्तव में वे मोदी की ओर मदद का हाथ बढ़ा रहे हैं।”
पूर्वी और दक्षिण पूर्व रेलवे के हावड़ा और सियालदह डिवीजन में ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं।
हड़ताल समर्थकों ने बेलघरिया, खारदाह दुगार्पुर और आसनसोल सहित कई स्टेशनों में नाकेबंदी कर दी और वे दक्षिण 24 परगना जिले के लखीकांतपुर के उपनगरों, उत्तर 24 परगना के मध्यग्राम, हसनाबाद और बारासात में पुलिस के साथ भिड़ गए।
प्रदर्शनकारियों ने हुगली के रिशरा, उत्तरपाड़ा, पूर्वी बर्दवान के समुद्रगढ़, बीरभूम के रामपुरहाट, पश्चिम बर्दवान के दुगार्पुर में पूर्व रेलवे के हावड़ा मंडल में और दक्षिण पूर्व रेलवे के उलुबेरिया में ट्रेन संचालन को बाधित किया।
कोलकाता में हालांकि सार्वजनिक और निजी बसें सड़कों पर दौड़ती दिखाई दीं, लेकिन हड़ताल समर्थकों ने कई बसों और ट्रकों में तोड़फोड़ की। उन्होंने जादवपुर, शोभाबाजार और सियालदाह क्षेत्र में रैलियां निकालीं।
दिन चढ़ने के साथ, वामपंथी कार्यकर्ताओं ने सेंट्रल एवेन्यू सहित शहर की व्यस्त सड़कों पर प्रदर्शन किया और टायर जलाए।
टैक्सी और ऑटो सड़कों पर नजर नहीं आए और दुकानें बंद रहीं।
राज्य मंत्री व तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि सरकार सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं को बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी।
राज्य सरकार ने एक सर्कुलर जारी किया है जिसमें कहा गया है कि हड़ताल के दिनों में कार्यालय खुले रहेंगे और कोई छुट्टी नहीं दी जाएगी। इसमें स्कूलों और कॉलेजों सहित बैंकों, शिक्षण संस्थानों को खुला रखने का भी आग्रह किया गया है।
dharmpath.com dharmpath