भोपाल, 14 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष को लेकर जारी सुगबुगाहट पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यह कह कर विराम लगा दिया है कि दिल्ली में अध्यक्ष के मसले पर कोई चर्चा नहीं हुई। कमलनाथ वर्तमान में पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष भी हैं।
राज्य में कांग्रेस के सत्ता में आने और कमलनाथ को मुख्यमंत्री की कमान सौंपे जाने के बाद से नए अध्यक्ष के नाम की चर्चा का दौर चला। पिछले कई दिनों से कांग्रेस के बड़े नेताओं -मुख्यमंत्री कमलनाथ, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्विजय सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह- सहित अन्य का दिल्ली में जमावड़ा होने के कारण हर रोज नए तरह की खबरें आती रहीं। अब इन चर्चाओं पर लगभग विराम लग गया है।
कमलनाथ तीन दिनों बाद दिल्ली से भोपाल लौटे और सोमवार को संवाददाताओं ने उनसे नए अध्यक्ष का सवाल पूछा। कमलनाथ ने साफ किया कि दिल्ली में अध्यक्ष को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।
उल्लेखनीय है कि राज्य के सियासी गलियारे में अध्यक्ष के नाम को लेकर चर्चा गर्म थी। नाम भी सोशल मीडिया पर चल रहे थे, इतना ही नहीं बधाई देने का दौर भी पूरे जोर पर था। अब कमलनाथ का जो बयान आया है, उससे एक संकेत तो मिल ही रहा है कि फिलहाल बदलाव के आसार नहीं हैं और संभावना जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री व प्रदेशाध्यक्ष की कमान कमलनाथ के ही हाथ में रहने वाली है।
राज्य में डेढ़ दशक बाद कांग्रेस सत्ता मे लौटी है। कांग्रेस हाईकमान किसी भी तरह का विवाद पैदा नहीं करना चाहता है, क्योंकि कांग्रेस की सरकार सपा, बसपा और निर्दलीयों के सहयोग से चल रही है। नया अध्यक्ष बनने पर पार्टी में विवाद के हालात बन सकते हैं, लिहाजा अध्यक्ष के बदले जाने के आसार कम ही हैं। सूत्रों का भी कहना है कि आगामी चुनाव तक अध्यक्ष बदलने के आसार कम हैं।
dharmpath.com dharmpath