कोलकाता, 15 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की स्वायत्तता को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए वित्त मंत्रालय के पूर्व आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने कहा है कि कम ब्याज दरों की व्यवस्था निवेश और विकास के लिए बेहतर हो सकती है।
उन्होंने सोमवार शाम अपनी किताब ‘द रिपब्लिक ऑफ विलीव्स’ के लोकार्पण के मौके पर कहा, “आरबीआई की स्वायत्तता अत्यधिक जरूरी है। हमें इसे बरकरार रखने के लिए हर कुछ करना चाहिए, क्योंकि यह मौद्रिक नीति और मुद्रास्फीति प्रबंधन में देश को दीर्घकालिक ताकत देता है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होगा, अगर हम इससे छेड़छाड़ करते हैं।”
बसु ने कहा, “मेरा निजी तौर पर मानना है कि आज के भारत में थोड़ी कम ब्याज दर वाली व्यवस्था अधिक लाभकारी होगी (विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए)। लेकिन एक चीज काफी महत्वपूर्ण है कि यह आरबीआई के लिए सलाह या सुझाव से अधिक नहीं होनी चाहिए। अंतिम निर्णय करने का पूर्ण अधिकार आरबीआई का है।”
किसानों के कर्ज छूट के बारे में उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर यह ‘अच्छा विचार नहीं’ है, क्योंकि इससे क्रेडिट बाजार को दीर्घकालिक नुकसान होता है। लेकिन विशेष परिस्थितियों में इसे मुहैया किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “साल 2016 की नोटबंदी के बाद से ही हमारा कृषि क्षेत्र संकट में है। यह बेहद विशेष स्थिति है। पश्चिमी देशों में सीमित उत्तरदायित्व का कानून है, जिसके तरह सीमित स्थितियों में उनके हित में निर्णय लिए जाते हैं।”
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