टीकमगढ़, 5 जनवरी (आईएएनएस)| मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के पृथ्वीपुर क्षेत्र के एसडीओपी कार्यालय में गोली चलने की आवाज सुनी गई। बाद में थाना प्रभारी व अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) के खून से लथपथ शव मिले। राज्य के गृहमंत्री बाबूलाल गौर ने इस घटना की अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) से जांच कराने के आदेश दिए हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि थाना प्रभारी ने एसडीओपी की गोली मारकर हत्या कर खुद को भी गोली मारकर खत्म कर लिया।
जानकारी मिली है कि पृथ्वीपुर क्षेत्र के एसडीओपी कार्यालय में सोमवार को अचानक गोलियों की आवाज सुनी गई। एसडीओपी का रीडर जब अपने बॉस के कक्ष में पहुंचा तो एसडीओपी के.एस. मलिक कुर्सी पर और पृथ्वीपुर थाना के प्रभारी प्रमोद चतुर्वेदी जमीन पर खून से लथपथ पड़े थे। दोनों की मौत हो चुकी थी।
सागर परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक पंकज श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि दोपहर के समय एसडीओपी दफ्तर में गोलीबारी की घटना हुई। उन्हें पता चला है कि थाना प्रभारी चतुर्वेदी ने पहले एसडीओपी मलिक के माथे में गोली मारी और उसके बाद खुद को गोली मार ली।
श्रीवास्तव के अनुसार, दोनों पुलिस अधिकारियों को गोली लगने के बाद चिकित्सकों को बुलाया गया, जिन्होंने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह घटना क्यों हुई, इसका पुलिस की जांच में ही खुलासा हो पाएगा।
राजधानी भोपाल में राज्य के गृहमंत्री गौर ने कहा कि यह गंभीर घटना है। ऐसा क्यों हुआ, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा। इस घटना की सीआईडी से जांच कराई जाएगी। जांच दल व अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। वहीं फॉरेंसिक टीम भी भेजी गई है।
भोपाल स्थिति पुलिस मुख्यालय के पुलिस उप महानिरीक्षक सुरक्षा मकरंद देवस्कर ने कहा कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा। इस घटना का कोई चश्मदीद न होने के कारण सब कुछ जांच पर निर्भर है।
उन्होंने कहा कि दोनों अफसरों के बीच झगड़े के दौरान गोलीबारी होने की अभी पुष्टि नहीं की जा सकती, क्योंकि घटना के समय कोई चश्मदीद नहीं था। सारी बातें अनुमान पर आधारित हैं। घटनाक्रम का खुलासा फॉरेंसिक और वैलेस्टिक जांच से ही हो सकेगा। विशेषज्ञ जांच के लिए पृथ्वीपुर जा रहे हैं।
दो पुलिस अफसरों की मौत की जानकारी मिलते ही टीकमगढ़ जिला मुख्यालय से पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। इन अफसरों की कोशिश रही कि कोई भी व्यक्ति उस कमरे में न पहुंच पाए, जिसमें दोनों अफसरों के शव पड़े थे।
एसडीओपी कार्यालय में गोली चलने की घटना के बाद सैकड़ों लोग वहां जुट गए। वहीं पुलिस अधिकारियों ने एसडीओपी कार्यालय के परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी है। वहीं दूसरे जिलों के अलावा राजधानी भोपाल से भी कई आला अफसर पृथ्वीपुर पहुंच रहे हैं।
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