(खुसुर-फुसुर)– नयी सत्ता आते ही मप्र में लाटसाहबों के तबादले हुए इनमें भोपाल के लाटसाहब का भी नाम था लेकिन एक तुरुप के इक्के ने उनका तबादला रुकवा लिया.मुख्यमंत्री के समर्थक पूर्व छात्र नेता एवं वर्तमान शिक्षा संस्थान संचालक ने लाटसाहब को ध्यान रखते हुए चलने का वादा लिया और अपने आका के पास जा पहुंचे,मुख्यमंत्री निवास में हुयी इस मुलाक़ात में लाटसाहब तब तक बाहर खड़े रहे जब तक प्यादे ने अपने बादशाह से हामी नहीं भरवा ली और इस शर्त पर हाँ हुयी की जिम्मेदारी तुम्हारी कि अब कोई गल्ती नहीं करेंगे और बड़ी प्रशासनिक सर्जरी में लाटसाहब महफूज रहे .
dharmpath.com dharmpath