नई दिल्ली, 24 जनवरी (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लखनऊ में 1500 करोड़ रुपये के गोमती रिवरफ्रंट विकास परियोजना के संबंध में गुरुवार को दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 10 जगहों पर छापे मारे।
प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, “सुबह से हमारी टीमें गोमती रिवरफ्रंट परियोजना मामले में धनशोधन के आरोपों की जांच के तहत छापे मार रही हैं।”
ईडी ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिकारियों और इंजीनियरों के आवासों समेत कई जगहों पर छापे मारे हैं।
ईडी मामले के संबंध में दस्तावेजों और सबूतों की तलाश में है। एजेंसी पता लगानी चाहती है कि क्या आरोपियों ने इस विकास परियोजना के सौंदर्यीकरण के लिए दी गई राशि का धनशोधन किया या फिर इससे अवैध संपत्ति बनाई।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस संबंध में दिसंबर 2017 में एफआईआर दर्ज की थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए ईडी ने 30 मार्च 2018 को धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया था।
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच अपने हाथ में ली। परियोजना को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंजूरी दी थी।
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