भोपाल, 29 जनवरी (आईएएनएस)। आगामी लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार धन-बल का बेजा इस्तेमाल न कर सकें, इसके लिए मध्य प्रदेश में रणनीति बनाई जाने लगी है। इसके लिए संदेहास्पद लेन-देन पर नजर तो रखी ही जाएगी, साथ में निगरानी टीमें भी सक्रिय रहेंगी।
यहां मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वी़ एल़ कान्ता राव ने नोडल अधिकारियों के साथ एक बैठक में इस बाबत निर्देश जारी किए हैं।
बयान के अनुसार, राव ने आयकर विभाग को संदेहास्पद लेन-देन वाले खातों की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने हवाईअड्डा, हवाई पट्टी, हेलीपैड पर जांच के लिए टीमें गठित करने, हवाईअड्डा प्राधिकरण को विमान, चार्टर विमान व हेलीकॉप्टर की आवाजाही की सूचना और विस्तृत ब्यौरा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और आयकर नोडल अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि निगरानी टीमें उसके आधार पर कार्रवाई कर सकें।
इसके अतिरिक्त राव ने केंद्रीय औगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को इंटेलीजेंस यूनिट के साथ समन्वय कर हवाईअड्डा, हवाईपट्टी, हेलीपैड पर चेकिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने, तथा आबकारी विभाग को उड़न दस्ता बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बयान के अनुसार, अवैध वाहनों का परिवहन विभाग जांच करेगा। स्टार प्रचारकों के वाहनों के परमिट जारी करते समय दस्तावेजों की जांच के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी।
बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजेश कौल, पुलिस महानिरीक्षक चंचल शेखर, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजेश श्रीवास्तव तथा संबंधित विभागों के नोडल अधिकारी उपस्थित थे।
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