लोकपाल, लोकायुक्त की मांग को लेकर अन्ना ने शुरू किया अनशन (लीड-1)

अहमदनगर (महाराष्ट्र), 30 जनवरी (आईएएनएस)। दिग्गज गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता किसान बाबूराव हजारे उर्फ अन्ना हजारे ने लोकपाल व लोकायुक्तों की मांग को लेकर बुधवार को अपने गांव रालेगण-सिद्धि में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। केंद्र व राज्यों ने लोकपाल व लोकायुक्तों की नियुक्ति का वादा किया था।

उनके एक सहयोगी ने बताया कि तिरंगा लेकर 81 साल के हजारे बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ गांव में एक जुलूस में शामिल हुए और अनिश्चितकालीन उपवास शुरू करने से पहले उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। अन्ना ने यह अनिश्चितकालीन उपवास ‘जन आंदोलन सत्याग्रह’ के बैनर तले किया है।

अन्ना ने आंदोलन शुरू करने से पहले 30 जनवरी को शहीद दिवस पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और तीन मुख्य बिंदुओं पर आंदोलन की शुरुआत करने से पहले एक स्थानीय मंदिर में प्रार्थना की। यह तीन मुख्य बिंदु हैं केंद्र में लोकपाल, प्रत्येक राज्य में लोकायुक्त की नियुक्ति और किसानों का मुद्दा।

तीन दिन पहले अन्ना ने राज्य में लोकायुक्त की नियुक्ति करने की मांग करते हुए महाराष्ट्र सरकार को अल्टीमेटम दिया था और ऐसा न करने पर भूख हड़ताल शुरू करने की बात कही थी।

बुधवार दोपहर बाद यहां संवाददाताओं से बात करते हुए हजारे ने दावा किया कि बीते पांच वर्षो में उन्होंने लोकपाल प्राधिकरण को लागू करने के लिए करीब 35 पत्र प्रधानमंत्री को लिखे लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया।

हजारे ने जोर देते हुए कहा, “कानून के मुताबिक, केंद्र में लोकपाल और राज्य में केवल लोकायुक्त को नियुक्त किया जा सकता है। लेकिन सभी वादों के बावजूद इसे लागू नहीं किया गया।”

महाराष्ट्र सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय को लोकायुक्त के अधिकार क्षेत्र के तहत लाने के लिए प्रक्रिया शुरू करने के संदर्भ में हजारे ने मांग की है कि वर्तमान मुख्यमंत्री को भी इसमें शामिल किया जाए और इसमें केवल पूर्व मुख्यमंत्री शामिल न हों।

इस मुख्य मांग के अलावा हजारे ने किसानों के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा इन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है, जिसके कारण देश भर में आत्महत्याओं की समाप्त न होने वाली घटनाएं जारी हैं।

हजारे ने कहा कि आंशिक रूप से कर्जमाफी किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं करेंगी। उन्होंने मांग की कि सरकार को एक बार में सभी किसानों का कर्ज माफ कर देना चाहिए।

इसके अलावा, उन्होंने एम.एस. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने, 60 साल से ऊपर के किसानों को पेंशन देने, खेती के उत्पाद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने और किसान समुदाय को दीर्घकालिक राहत प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य व चिकित्सा लाभ एवं अन्य चीजें मुहैया कराने की मांग की।

हजारे की 80 फीसदी मांगों को पहले ही पूरा करने का दावा करते हुए जल संसाधन मंत्री गिरिश महाजन ने कहा कि वह पिछले एक सप्ताह से हजारे के संपर्क में हैं और उन्होंने अन्ना से भूख हड़ताल वापस लेने का आह्वान किया है। मंत्री ने कहा कि उन्होंने अन्ना से मुद्दे को बातचीत के माध्यम से सुलझाने को कहा है।

हजारे ने इसका जवाब देते हुए कहा कि चार बार सरकार के साथ बातचीत करने के बावजूद किसी भी मुद्दे का समाधान नहीं हुआ। अन्ना ने मांगों के समाधान को वास्तविकता में तब्दील हो जाने तक अपना आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।

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