उप्र बजट : धार्मिक स्थलों के लिए 610.38 करोड़ का प्रावधान

लखनऊ, 7 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने चुनावी साल में पेश अपने तीसरे बजट में हिंदुत्व के एजेंडे को धार देने की कोशिश की है। गुरुवार को वित्तमंत्री द्वारा पेश 4,79,701,10 करोड़ रुपये के बजट में से हिंदू धार्मिक स्थलों के विकास के लिए 610.38 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने योगी सरकार का तीसरा बजट पेश करते हुए एलान किया, “मथुरा-वृन्दावन के मध्य ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए संस्कृति विभाग ने 8.38 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सार्वजनिक रामलीला स्थलों की चारदीवारी बनाने के लिए पांच करोड़ रुपये, वृन्दावन शोध संस्थान के सुदृढ़ीकरण के लिए एक करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।”

उन्होंने कहा, “बृज तीर्थ में अवस्थापना सुविधाओं के लिए 125 करोड़, अयोध्या में प्रमुख पर्यटन स्थलों के समेकित विकास के लिए 101 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। गढ़मुक्तेश्वर के पर्यटन स्थलों के समेकित विकास हेतु 27 करोड़ और इसके अलावा पर्यटन नीति-2018 के क्रियान्वयन के लिए 70 करोड़ व प्रोपुआर टूरिस्ट के लिए 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है।”

वित्तमंत्री ने कहा, “वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण योजना के तहत श्रीकाशी विश्वनाथ विशिष्ट विकास परिषद का गठन किया गया है। गंगा तट से विश्वनाथ मंदिर तक मार्ग के विस्तारीकरण एवं सुंदरीकरण के लिए 207 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में वैदिक विज्ञान केन्द्र की स्थापना के लिए 16 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।”

उन्होंने कहा, “प्रयागराज में ऋषि भारद्वाज आश्रम एवं श्रृंगवेरपुर धाम, विंध्याचल एवं नैमिषारण्य का विकास, बौद्ध परिपथ में सारनाथ, श्रावस्ती, कुशीनगर, कपिलवस्तु, कौशाम्बी एवं संकिसा का विकास, शाकुंभरी देवी एवं शुक्रताल का विकास, चित्रकूट जिले के राजापुर में तुलसी पीठ का विकास, बहराइच में महाराजा सुहेलदेव स्थल एवं चित्तौरा झील का विकास तथा लखनऊ में बिजली पासी किले का विकास किया जाना प्रस्तावित है।”

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