श्रीनगर, 23 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को उम्मीद जताई कि राज्य में मानवाधिकार के उल्लंघन के आरोपों पर जितनी सुरक्षाबलों की निंदा होती है, उतनी ही निंदा ऐसा करने पर आतंकवादियों की भी होनी चाहिए।
उन्होंने यह बयान ऐसे समय दिया है, जब एक दिन पहले बांदीपोरा के मीर मोहल्ला इलाके में हुई मुठभेड़ में दो आतंकवादियों के साथ उनके द्वारा बंधक बनाए गए एक 12 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी।
पुलिस ने हालांकि आतंकवादियों पर बच्चे की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया है।
उमर ने ट्वीट कर कहा, “मैं उम्मीद करता हूं कि कश्मीर में जैसे सुरक्षाबलों पर मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगने पर उनकी निंदा की जाती है, उसी प्रकार जब आतंकवादी किसी बच्चे को बंधक बनाते हैं, तब उनके खिलाफ भी उतना ही आक्रोश होना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “चयनात्मक आक्रोश कायरता और पाखंड है।”
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