पटना, 23 मार्च (आईएएनएस)। बिहार में विपक्षी दलों के महागठबंधन में सीट बंटवारे से नाराज वामपंथी दलों ने अलग राह पकड़ ली। सीट बंटवारे में तरजीह नहीं दिए जाने से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) तो नाराज थी ही, राजद कोटे से मिली एक सीट से भाकपा (मार्क्सवादी लेनिनवादी) भी संतुष्ट नहीं हुई। भाकपा (माले) ने शनिवार को अलग चुनाव लड़ने की घोषणा करते हुए कहा कि पार्टी पांच सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी।
भाकपा (माले) ने यहां शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में महागठबंधन के सीट बंटवारे पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि महागठबंधन से वामपंथी दलों को अलग रखकर भाजपा के खिलाफ ध्रुवीकरण को कमजोर किया गया है।
पार्टी के प्रदेश सचिव कुणाल ने कहा कि उनकी पार्टी पांच सीटों- आरा, काराकाट, पाटलिपुत्र, सीवान और जहानाबाद से चुनाव लड़ेगी। बेगूसराय और उजियारपुर में भाकपा के उम्मीदवार का समर्थन करेगी।
कुणाल ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी राजद को एक सीट पर समर्थन देगी, लेकिन वह कौन सी सीट होगी यह फैसला तब लिया जाएगा, जब राजद अपनी सीटों की घोषणा कर देगी।
महागठबंधन ने शुक्रवार को सीट बंटवारे की घोषणा करते हुए भाकपा (माले) को राजद कोटे से एक सीट दी थी, भाकपा को एक भी नहीं। इसके बाद भाकपा ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि पार्टी चुनिंदा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार बेगूसराय से भाकपा उम्मीदवार होंगे।
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