गांधीनगर, 29 मार्च (आईएएनएस)। कांग्रेस को शुक्रवार को एक बड़ा झटका तब लगा, जब गुजरात उच्च न्यायालय ने पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने एक निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के आदेश को स्थगित करने की मांग की थी, ताकि वह लोकसभा चुनाव लड़ सकें।
अदालत का यह निर्णय गुजरात कांग्रेस के लिए एक झटका है, क्योंकि पार्टी ने हार्दिक को जामनगर लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाने की योजना बनाई थी।
न्यायमूर्ति अब्दुल्लामिया उरैजी ने हार्दिक की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने मेहसाणा अदालत के उस आदेश को स्थगित करने की मांग की थी, जिसमें उन्हें विसनागढ़ में पटेल आंदोलन 2015 के दौरान आगजनी और बलबा करने के एक मामले में दोषी ठहराया था।
मेहसाणा अदालत ने पिछले वर्ष दो साल कारावास की सजा सुनाई थी।
पटेल ने इस आदेश पर स्थगन की मांग की थी, ताकि वह लोकसभा चुनाव लड़ सकें।
पटेल 12 मार्च को गांधीनगर में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
हार्दिक तभी से दोषी हैं, और सर्वोच्च न्यायालय के एक आदेश के अनुसार वह तबतक चुनाव नहीं लड़ सकते, जबतक उच्च न्यायालय उन्हें दोषी ठहराए जाने के आदेश को स्थगित नहीं कर देता।
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