मप्र में जन अभियान परिषद के संविदा कर्मियों की सेवाएं खत्म

भोपाल, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में जन अभियान परिषद के अधीन कार्यरत संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं सोमवार (एक अप्रैल) से समाप्त कर दी गई हैं। संविदा अधिकारियों व कर्मचारियों से अब न तो उपस्थित दर्ज कराई जा रही है और न ही उन्हें कोई काम दिया जा रहा है।

जन अभियान परिषद के कार्यपालन निदेशक जितेंद्र सिंह राजे की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जन अभियान परिषद ने 25 नवंबर, 2017 को सभी संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों की संविदा अवधि 31 मार्च, 2019 तक बढ़ाने का फैसला लिया था। अब संविदा अवधि बढ़ाने का निर्णय शासन के पास लंबित है। लिहाजा, निर्णय लंबित होने की स्थिति में संविदा कर्मचारियों व अधिकारियों से सोमवार से कोई कार्य न कराया जाए और न ही उनकी उपस्थिति दर्ज कराई जाए। इसी आधार पर संविदा कर्मचारियों से काम लेने और उपस्थिति दर्ज कराना बंद कर दिया गया है।

राज्य में सत्ता बदलने के बाद से कमलनाथ सरकार के कई मंत्रियों और कांग्रेस नेताओं ने जन अभियान परिषद के कर्मचारियों पर भाजपा के लिए प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाए थे। उसके बाद से ही तमाम कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर जन अभियान परिषद को बंद किए जाने की चर्चाएं चल रही हैं।

शिवराज सरकार ने जन अभियान परिषद के लगभग साढ़े सात सौ कर्मचारियों व अधिकारियों को नियमित किया था। उनका मामला भी अभी लंबित है। इस पर सरकार की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया है। वहीं अब संविदा कर्मचारियों की सेवाएं अप्रत्यक्ष रूप से समाप्त कर दी गई हैं।

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