नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। राजधानी की एक अदालत ने मंगलवार को धनशोधन व कालेधन के एक मामले में वकील गौतम खेतान की जमानत की याचिका पर आदेश सुरक्षित कर लिया।
विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने कहा कि वह 12 अप्रैल को आदेश देंगे।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने खेतान की जमानत की याचिका का विरोध किया।
खेतान द्वारा दी गई यह दूसरी जमानत की याचिका है। अदालत ने 12 मार्च को उसकी पहली जमानत की याचिका को खारिज कर दिया।
खेतान मौजूदा समय में न्यायिक हिरासत में है। उसे 25 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। आयकर विभाग द्वारा दिल्ली व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में उसकी संपत्तियों व दफ्तरों की तलाशी के एक हफ्ते बाद उसे गिरफ्तार किया।
ईडी ने 25 मार्च को धनशोधन मामले में आरोप-पत्र दायर किया।
एजेंसी ने कहा कि गौतम खेतान कार्यप्रणाली का नियंत्रण कर रहे थे और उन पर धन भेजने की जिम्मेदारी थी। एजेंसी के अनुसार, उन्होंने दुबई, मॉरीशस, सिंगापुर, ट्यूनीशिया, स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन और भारत स्थित कई खातों के जरिए धनशोधन के लिए अपने संपर्क व मुवक्किलों का दुरुपयोग किया।
ईडी के अधिकारियों ने कहा कि खातों में भारत के बाहर स्थित उनकी गुप्त फर्जी कंपनियों के खाते शामिल हैं।
ईडी ने खेतान व अन्य के खिलाफ एक धनशोधन का मामला दर्ज किया है। यह मामला आई-टी विभाग द्वारा ब्लैक मनी (अघोषित विदेशी आय व संपत्ति) व इंपोजिशन ऑफ टैक्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया है।
गौतम खेतान को पहले अगस्तावेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में उनकी कथित संलिप्तता को लेकर सितंबर 2014 में गिरफ्तार किया गया था।
जनवरी 2015 में उन्हें जमानत मिल गई। इसके बाद एक अन्य मामले में उन्हें आरोपी संजीव त्यागी के साथ नौ दिसंबर, 2016 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार किया था। बाद में उनको जमानत मिल गई।
सीबीआई के आरोप-पत्र में गौतम खेतान को अगस्तावेस्टलैंड के पीछे काम करने वाला दिमाग बताया गया है।
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