इस्लामाबाद, 15 जनवरी (आईएएनएस)। नोबेल पुरस्कार विजेता और बाल अधिकारों की मुहिम चलाने वाली मलाला युसफजई पर 2012 में हुए हमले के संबंध में सुनवाई पेशावर स्थित सैन्य अदालत में होगी। त्वरित सुनवाई के लिए औपचारिक रूप से इस अदालत का गठन किया जाएगा।
डॉन ऑनलाइन में बुधवार को प्रकाशित खबरों के अनुसार, पाकिस्तान की संघीय सरकार ने त्वरित सुनवाई के लिए इस मामले को सैन्य अदालत को हस्तांतरित करने का फैसला किया है।
सरकार के एक सूत्र ने बताया, “कानून मंत्रालय के विशेषज्ञ इस संबंध में औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं। यह मामला जल्द आतंकवाद रोधी अदालत से सैन्य अदालत को सौंप दिया जाएगा।”
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने 2012 में मलाला पर उस वक्त हमला किया था, जब वह स्वात घाटी में अपने स्कूल से लौट रही थी। उसे उपचार के लिए ब्रिटेन ले जाया गया, जहां उसकी जान बच गई।
नागा पर्बत पर जून 2013 में पर्वतारोहियों पर किए गए हमले से संबंधित मामले को भी सैन्य अदालत को सौंपा जाएगा। इस घटना में 10 लोगों की मौत हो गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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