नई दिल्ली, 15 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 67वें थल सेना दिवस पर सैन्य अधिकारियों और जवानों को बधाई दी।
राष्ट्रपति ने अधिकारियों, जवानों, सेना के वरिष्ठ कर्मचारियों, पूर्व सेनाकर्मियों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा, “हमारी सेना ने अपने काम में पेशेवर अंदाज का उच्च मानक और उत्कृष्टता को लगातार बरकरार रखा है।”
उन्होंने कहा, “इसने हमारी क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा सुनिश्चित की है, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की है और प्राकृतिक आपदा के वक्त देशवासियों को सहायता पहुंचाई है।”
राष्ट्रपति ने यह भरोसा दिखाया कि भारतीय सेना आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करेगी और देश के हितों का ख्याल रखते हुए प्रमुखता से इस पर ध्यान देगी।
उन्होंने कहा, “मैं देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुर जवानों को नमन करता हूं। वे देश का गौरव बने रहेंगे।”
इधर, प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा, “मैं सैन्य दिवस पर भारतीय सेना के अदम्य साहस और बहादुरी को सलाम करता हूं। हमें उनके समर्पण और दृढ़ता पर गर्व है।”
भारतीय सेना के तीनों अंगों के प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग, एडमिरल रॉबिन के.धवन और एयर चीफ र्माशल अरुप राहा ने गुरुवार सुबह इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
15 जनवरी, 1949 को पहले भारतीय लेफ्टिनेंट जनरल के.एम.करियप्पा ने भारत के आखिरी ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल सर फ्रांसिस बचर से सेना प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली थी। उसके बाद हर साल 15 जनवरी को भारतीय सैन्य दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तथा सेना के विभिन्न मुख्यालयों में सैन्य परेड तथा अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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