दही-चूड़ा खाने से नहीं होगा दलितों का भला : मायावती

लखनऊ, 15 जनवरी (आईएएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए गुरुवार को कहा कि दही-चूड़ा खाने से देश के दलितों का भला होने वाला नहीं है। मायावती ने कहा कि मोदी यदि वाकई दलितों के प्रति फिक्रमंद हैं, तो वह ऐसा कदम उठाएं जिससे दलित अपने पैरों पर खड़ा हो सके।

लखनऊ के मॉल एवेन्यू स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने यह बात कही। मायावती गुरुवार को अपना 59वां जन्मदिन मना रही हैं और उनकी पार्टी इस दिन को ‘जन कल्याणकारी दिवस’ के रूप में मना रही है।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस के युवराज (राहुल गांधी) की तरह ही अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दलितों के यहां खाने का दिखावा कर रहे हैं। सिर्फ किसी के घर जाकर दही-चूड़ा खाने से दलितों का उद्धार नहीं होगा, बल्कि इसके लिए जमीनी स्तर पर काम करना पड़ेगा, ताकि दलित अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”

मायावती ने कहा कि दलितों के महापुरुषों का सम्मान भी केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार को करना चाहिए। जन्मदिन के मौके पर मायावती ने प्रदेश और देश के सभी बसपा कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा किया।

उन्होंने कहा कि बसपा दिल्ली में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और पूरी मजबूती के साथ चुनाव प्रचार करेगी।

मायावती ने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी, दोनों दिल्ली की जनता को गुमराह करने में जुटी हुई हैं। इन दोनों पार्टियों में दलित विरोधी मानसिकता हावी है।

बसपा प्रमुख ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “आए दिन भ्रामक प्रचार किया जा रहा है कि बसपा से दलित वोट बैंक खिसक चुका है, ऐसी बातें कर दलितों को सिर्फ भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।”

मायावती ने कहा कि बसपा को वर्ष 2009 में हुए लोकसभा चुनाव की अपेक्षा 2014 में अधिक मत मिले हैं। बकौल मायावती, “लोकसभा चुनाव में पार्टी को भले की उप्र में एक भी सीट न मिली हो, लेकिन पिछले चुनाव की अपेक्षा उसका वोट बढ़ा है। वर्ष 2009 आम चुनाव में पार्टी को एक करोड़ 52 लाख मत मिले थे, जबकि वर्ष 2014 में हुए चुनाव में पार्टी को 1 करोड़ 60 लाख मत मिले। इस तरह पिछले चुनाव की अपेक्षा पार्टी के जनाधार में 8 लाख मतों की वृद्धि हुई है।”

उप्र की राजधानी लखनऊ में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर दुख जाहिर करते हुए मायावती ने कहा कि उप्र में कानून व्यवस्था के साथ जमकर खिलवाड़ किया जा रहा है। जहरीली शराब से करीब 48 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग अस्पतालों में पड़े हैं। पार्टी दुख की घड़ी में उनके साथ है।

उन्नाव में मिले 104 शवों को लेकर मायावती ने कहा कि इस तरह के मामले के सामने आने के बाद अब उप्र की जनता सपा सरकार से और ज्यादा भय खाने लगी है।

उप्र में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की अपनी पुरानी मांग पर मायावती ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सपा और भाजपा के बीच जारी राजनीतिक मधुर संबंधों के बीच राज्यपाल राष्ट्रपति शासन की सिफारिश नहीं करेंगे और भय तथा आतंक से उप्र की जनता को मुक्ति नहीं मिलने वाली।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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