नई दिल्ली, 4 मई (आईएएनएस)। सरकार ने शनिवार को राफेल मामले में सर्वोच्च न्यायालय में एक नया हलफनामा दायर किया, जिसमें पूरे मामले को फिर से खोलने का विरोध किया गया है। सरकार ने कहा है कि याचिकाकर्ता बेमतलब के सवाल खड़े करने की कोशिश कर रहे हैं।
सरकार ने कहा कि शीर्ष अदालत ने ‘व्यक्तिगत धारणाओं के आधार पर’ मामले की तर्कहीन जांच करारे से ‘खास तौर से इंकार’ कर दिया है।
रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अधिग्रहण प्रबंधक द्वारा सरकार की ओर दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि याचिकाकर्ताओं यानी पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और अन्य द्वारा दायर मामले को फिर से खोलने के लिए दाखिल आवेदन गलत और विचारणीय नहीं है।
हलफनामे में कहा गया है, “आवेदक किसी राहत के हकदार नहीं हैं” और उनका आवेदन खारिज किए जाने लायक है।
हलफनामे में कहा गया है, “फैसले (पिछले दिसंबर के) की समीक्षा की मांग करने और कुछ मीडिया रपटों में रिलायंस का जिक्र किए जाने तथा अनधिकृत व अवैध तरीके से कुछ अधूरी आंतरिक फाइल की नोटिंग हासिल कर लेने की आड़ में याचिकाकर्ता पूरे मामले को फिर से खोलने की मांग नहीं कर सकते।”
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