अहमदाबाद, 6 मई (आईएएनएस)। गुजरात के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) की महिला टीम ने एक अभियान चलाकर बोटड के जंगलों से एक खूंखार गैगस्टर को दबोच लिया।
टीम को खुफिया जानकारी मिली थी कि कम से कम 23 गंभीर अपराधों में वांछित जुसैब अल्लारखा सौराष्ट्र क्षेत्र के जंगलों में छिपा हुआ है।
इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए युवा महिला पुलिस उपनिरीक्षकों की एटीएस टीम संतोक ओदेदरा के नेतृत्व में अभियान की योजना बनाने के लिए शनिवार आधी रात इकट्ठा हुई।
एटीएस के सूत्रों ने कहा कि टीम ने फैसला किया कि सोमवार तड़के जुसैब अल्लारखा को पकड़ा जाएगा। समय के चुनाव के पीछे मकसद यही था कि गैंगस्टर नींद पूरी कर रहा होगा, ऐसे में उसे किसी कार्रवाई की उम्मीद नहीं होगी।
जैसे ही उसके सटीक स्थान की जानकारी टीम को मिली, उन्होंने उस पर 100 से लेकर 150 मीटर तक दूरी से नजर बनाए रखी।
जुसैब को हथियारों का शौक है। वह हमेशा साथ में अच्छे हथियार रखता था, इसलिए टीम पूरी तैयारी के साथ रिवाल्वर के अलावा एके-47 राइफल भी साथ ले गई थी।
रात के वक्त जुसैब बिना देखे अंधाधुंध गोलियां चला सकता था, इसलिए टीम ने फैसला किया कि गैंगस्टर पर सुबह की पहली किरण के साथ हमला करना ठीक रहेगा।
टीम में मौजूद महिलाओं ने उसे पीछे से हमला करने का कोई मौका नहीं दिया और सबसे पहले उसकी भरी हुई रिवॉल्वर छीन ली।
जूनागढ़ जिले के रवानी का रहने वाला जुसैब पिछले साल जून में पैरोल पर बाहर आने के बाद फरार हो गया था।
इसके बाद उसने अपने सहयोगी मूसा की हत्या का बदला लेने के लिए एक जीवनभाई संगानी नामक आदमी की हत्या कर दी।
उसके खिलाफ राजकोट, जूनागढ़, अहमदाबाद शहर और ग्रामीण इलाकों में हत्या, डकैती, भूमि कब्जाने और पुलिस व अन्य पर हमले के कुल 23 मामले दर्ज हैं।
महिला उपनिरीक्षक संतोक ओदेदरा और नितिका गोहिल 2013 बैच की अधिकारी हैं, जबकि शकुंतला मल और अरुणा गामित 2010 बैच की गुजरात पुलिस सेवा से भर्ती हुई हैं।
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