अलवर सामूहिक दुष्कर्म : जांच अधिकारी नियुक्त, 10 दिन में देंगे रपट

जयपुर, 10 मई (आईएएनएस)। अलवर में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले की जांच राजस्थान सरकार के संभागीय आयुक्त अधिकारी के हाथों सौंपी गई है। शुक्रवार को अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।

राज्य सरकार ने इस मामले में जयपुर संभागीय आयुक्त के.सी. वर्मा को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। विभाग के उपसचिव रवि शर्मा द्वारा हस्ताक्षरित आदेश के अनुसार वर्मा को 10 दिनों के अंदर अंतिम रपट गृह विभाग को सौंपनी होगी।

आदेश के अनुसार, रपट में मामले से संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई लापरवाही पर भी गौर किया जाएगा।

इसी दौरान अलवर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) गोविंद गुप्ता ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्राथमिक रपट देखने के बाद लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही उन्होंने मामले में पुलिस द्वारा की गई लापरवाही व देरी पर किसी तरह के राजनीतिक प्रभाव से इंकार कर दिया।

पुलिस अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की कि इस मुद्दे पर चर्चा हो रही है कि यदि प्राथमिक जांच में संबंधित पुलिस अधीक्षक (एसपी), स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) और अन्य पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ दोष साबित होता है तो क्या उनपर धारा 166ए (सी) के तहत एक मामला दायर किया जा सकता है।

यदि कोई भी पुलिस अधिकारी समय पर शिकायत दर्ज नहीं करता है तो इस धारा के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, और उसे दो साल के लिए जेल भेजा जा सकता है।

भाजपा द्वारा विरोध प्रदर्शन करने के बाद यह मामला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी तक पहुंचा था। राहुल गांधी ने कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष नितिन राउत को मामले की पड़ताल के लिए अलवर भेजा। राउत ने शुक्रवार को पीड़िता व उसके परिवार से भेंट कर कांग्रेस अध्यक्ष को रिपोर्ट भेजी।

वहीं शुक्रवार को भीमसेना ने जयपुर में विरोध प्रदर्शन कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

गुरुवार को भाजपा ने सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस द्वारा की गई देरी व लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले में सीबीआई जांच की मांग करने के साथ आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।

पुलिस ने गुरुवार को सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें छोटेलाल, हंसराज, महेश, अशोक, इंद्रराज, और मुकेश शामिल हैं। पुलिस ने यह आश्वासन दिया है कि उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देने के लिए जल्द न्यायालय में पेश किया जाएगा।

मामले में पुलिस की लापरवाही की रिपोर्ट के तुरंत बाद अलवर के एसपी राजीव पचार को प्रतीक्षित तैनाती आदेश (एपीओ) पर रख दिया गया, वहीं थाना प्रभारी सरदार सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है।

थानागाजी पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक रूपनारायण, रामरतन, महेश कुमार और राजेंद्र पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

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