खाखर की समलैंगिकता पर आधारित पेंटिंग ने तोड़े नीलामी के रिकॉर्ड

लंदन, 11 जून (आईएएनएस)। भारतीय समकालीन कलाकार भूपेन खाखर द्वारा 1980 के दशक में बनाई गई पेंटिंग ‘टू मेन इन बनारस’ ने 32 लाख डॉलर में नीलाम होकर नया रिकॉर्ड बनाया है।

यह नीलामी सोमवार को सोथबी के नीलामी घर में हुई। इसकी खरीदारी ‘कूप्स दे कोइअर : द गाई एंड हेलेन बार्बीअर फैमिली कलेक्शन’ ने की, जिसके पास 20 वीं सदी के भारतीय कला के 29 बेहतरीन कलाकृतियों का संग्रह है।

1986 में मुंबई में ‘टू मेन इन बनारस’ का अनावरण करने वाले खाखर (1934-2003) पहले ऐसे भारतीय कलाकार थे, जिन्होंने अपने काम के जरिए अपने यौन ओरिएंटेशन का खुलासा किया था।

सोथबी ने अपने वेबसाइट पर लिखा है कि पेंटिंग में दो नग्न पुरुषों को आलिंगन करते दिखाया गया है। पेंटिग में कलाकार ने समलैंगिक प्रेम का नवीन आईकोनोग्राफी तैयार किया है।

खाखर भारत के पहले अग्रणी समलैंगिक कलाकार थे।

सोथबी ने बताया कि कलाकार के सर्वश्रेष्ठ व व्यापाक कार्यों में से एक इस पेंटिंग को टेट मॉडर्न 2016 की प्रदर्शनी ‘यू कैन नॉट प्लीज ऑल’ में लगाई गई थी, जो संस्थान में आयोजित होने वाले भारतीय कलाकार का पहला रेट्रोस्पेक्टिव है।

इसके अलावा नीलामी में एम.एफ हुसैन की ‘मराठी वीमेन’ (1950) करीब 553,146 डॉलर में और राम कुमार की दुर्लभ पेंटिंग ‘अनटाइटल्ड’ (जिसमें महिला और पुरुष एक दूसरे का हाथ थामें हैं), जो 1953 में उन्होंने अपनी पत्नी को तोहफे के तौर पर दी थी, उसकी बिक्री 659,960 डॉलर में हुई।

वहीं, रामेश्वरम ब्रूटा की ‘एपे’ सीरीज की ‘एनाटॉमी ऑफ दैट ओल्ड स्टोरी’ (1970) 537,887 डॉलर में बिकी।

वैश्विक नीलामी घर की बिक्री प्रमुख इशरत कांगा ने कहा, “ये असाधारण परिणाम गाय और हेलेन बार्बीयर की अग्रणी विचारधारा के लिए श्रद्धांजलि है, जिन्होंने तब भारतीय कला के असाधारण उदाहरण पेश किए जब कुछ लोग इस बारे में सोच ही रहे थे। “

वहीं, सोमवार को हुई अन्य बिक्री में फ्रांसिस न्यूटन सूजा की स्मारकीय बेनाम पेंटिंग 15 लाख डॉलर में बिकी।

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