ठाणे में बाढ़ में फंसी ट्रेन से निकाल सेना ने यात्रियों की जान बचाई (लीड-1)

मुंबई/ठाणे, 27 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय वायुसेना, नौसेना, सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने शनिवार को यहां वांगनी में बाढ़ के पानी में फंसी महालक्ष्मी एक्सप्रेस ट्रेन के 1500 यात्रियों को बचाने के लिए बड़े पैमाने पर हवाई और सतही अभियान शुरू किया।

महालक्ष्मी एक्सप्रेस शुक्रवार सुबह 8 बजे मुंबई से कोल्हापुर के लिए रवाना हुई थी।

अधिकारियों ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध के बाद रक्षा अधिकारियों ने सीकिंग और एमआई17 हेलीकॉप्टरों को राहत सामग्री और बचावकर्मी बलों के साथ मुंबई से स्थल के लिए रवाना किया।

इसके साथ ही एनडीआरएफ की टीमें बदलापुर से ट्रेन में पहुंचीं और करीब 7 किलोमीटर दूर से रबर की नावों में बैठकर ट्रेन से यात्रियों को निकालना शुरू किया।

विशेष उपकरणों से लैस गोताखोरों और चिकित्सकीय सहायता वाले दल को दोपहर तक 120 यात्रियों को बचाने में सफलता प्राप्त हुई। बचाए गए यात्रियों में महिलाएं और छोट्टे बच्चे शामिल हैं। हालांकि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य करने में परेशानियां आ रही हैं।

अधिकारियों ने कहा है कि यह बारिश और बाढ़ के पानी पर निर्भर करता है कि राहत और बचाव कार्य कब तक पूरा होगा। इसे पूरा होने में घंटों का समय भी लग सकता है।

ट्रेन के बाढ़ के पानी में फंस जाने के चलते कुछ यात्रियों के एक समूह ने बदलापुर स्टेशन के लिए पैदल यात्रा शुरू कर दी थी, लेकिन तीन से छह फीट तक बाढ़ के पानी में वह फंस गए। ग्रामीणों ने रस्सी फेंक कर उन्हें बाहर निकाला।

भारतीय वायुसेना और एनडीआरएफ की टीमों ने लगभग सात लोगों के इस समूह को बाद में क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाला।

मुंबई, पालघर, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरि और कुछ अन्य इलाकों में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है।

पिछले 24 घंटों में मुंबई हवाईअड्डे पर लगभग दो दर्जन उड़ानें प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा आंशिक रूप से रेल संचालन को भी बारिश ने प्रभावित किया है। बारिश के पानी से सड़कें जाम हो गई हैं।

इससे पहले, मुंबई-कोल्हापुर ट्रेन के सैकड़ों घबराए, भूखे-प्यासे यात्रियों ने मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मदद की अपील की थी।

उन्होंने कहा कि उनकी ट्रेन के आस-पास पांच से छह फीट तक पानी जमा है, जिसकी वजह से वह पिछले 15 घंटों से फंसे हुए हैं और निकलने का कोई रास्ता नहीं है।

यात्रियों ने वीडियो में कहा था कि उनके पास खाने-पीने के लिए भी कुछ नहीं है।

ठाणे के संरक्षक मंत्री एकनाथ गायकवाड़ ने कहा कि एनडीआरएफ की छह टीमों के साथ दो हेलीकॉप्टर राहत और बचाव कार्य करेंगे।

मुंबई, पुणे और ठाणे से रवाना हुआ यह दल हवा भरकर संचालित होने वाली रबड़ की नौकाएं लेकर जल्द वहां पहुंच रहा है।

शनिवार तड़के से हो रही भारी बारिश के चलते स्थानीय नदियों और अन्य जल निकायों में बाढ़ आ गई है, जिससे बदलापुर, उल्हासनगर और वांगनी के कस्बों में पानी भर गया है।

इससे पहले मध्य रेलवे (सीआर) ने बाहर के खतरनाक जलस्तर को देखते हुए महालक्ष्मी एक्सप्रेस के यात्रियों को ट्रेनों से बाहर न निकलने के बाबत चेतावनी दी थी।

रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया था कि उन्हें शीघ्र ही मुहैया कराई जाएगी और वे मदद के लिए प्रतीक्षा करें।

शिक्षा मंत्री आशीष शेलार ने मुंबई में भारी बारिश के चलते स्कूल और कॉलेज के प्राचार्यो को निर्देश दिया कि वह बारिश होते रहने की स्थिति में वह छुट्टी की घोषणा करें।

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