किसी भी व्यक्ति को देश में कहीं भी रहने-घूमने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता: अदालत

नयी दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि किसी व्यक्ति को देश में कहीं भी रहने या स्वतंत्र रूप से घूमने के उसके मौलिक अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता.

जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस वी. रामसुब्रमण्यम की पीठ ने यह टिप्पणी महाराष्ट्र के अमरावती शहर में जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा एक पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता के खिलाफ जारी जिलाबदर आदेश को रद्द करते हुए की.

पीठ ने कहा, ‘किसी भी व्यक्ति को केवल मामूली आधार पर देश में कहीं भी रहने या स्वतंत्र रूप से घूमने के मौलिक अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता.’

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