हवाना, 27 जनवरी (आईएएनएस)। क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो ने अमेरिका के साथ संबंधों को सामान्य करने को लेकर चल रही पहल पर पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है।
कास्त्रो द्वारा छात्रों को लिखे एक पत्र को समाचार पत्र ला ग्रामा ने प्रकाशित किया, जिसके अनुसार 88 वर्षीय कास्त्रो का कहना है कि वह अमेरिकी नीतियों में भरोसा नहीं करते और अमेरिकियों के बारे में उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा है। जिसका मतलब यह बिल्कुल नहीं समझा जाना चाहिए कि सैन्य संघर्ष को लेकर होने वाला शांतिपूर्ण समझौता रद्द होगा।
हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि शांति की रक्षा करना हर किसी का कर्तव्य है।
क्यूबावासियों ने पूरी दुनिया के लोगों के बीच सहयोग व मित्रता की रक्षा की है और यहां तक कि अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के साथ भी।
उन्होंने अपने भाई व क्यूबा के राष्ट्रपति राउल कास्त्रो द्वारा उठाए गए कदमों को उपयुक्त बताया।
उल्लेखनीय है कि 17 दिसंबर, 2014 को अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने क्यूबा के साथ संबंधों का एक नया अध्याय शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि क्यूबा को पांच दशक से ज्यादा समय तक अलग-थलग करने की नीति से इच्छित परिणाम सामने नहीं आए। उन्होंने कहा कि हवाना के खिलाफ व्यापार प्रतिबंधों में कमी की जाएगी।
इसी दिन राउल कास्त्रो ने पुष्टि करते हुए कहा था कि क्यूबा और अमेरिका ने कूटनीतिक संबंधों को फिर से शुरू करने को लेकर सहमति जताई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हवाना संप्रभुता को अक्षुण्ण रखते हुए समानता के सिद्धांत पर आधारित वार्ता करेगा।
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