हिमाचल में मूर्ति चोरी का मामला सुलझा

शिमला, 30 जनवरी (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने आधुनिक प्रौैद्योगिकी और उपग्रह चित्र की मदद से भगवान रघुनाथ की बेशकीमती और सदियों पुरानी मूर्ति बरामद कर ली है। भगवान रघुनाथ कुल्लू घाटी के प्रमुख देवता है।

पिछले सप्ताह एक विशेष जांच दल ने गूगल अर्थ की मदद से उस स्थान का पता लगा लिया, जहां तीन मूर्तियां गाड़ी गई थीं और एक अन्य को फेंका गया था। पुलिस और नेपाली मुख्य संदिग्ध प्रौद्योगिकी की मदद से एक-दूसरे को चकमा देते रहे।

जांचकर्ताओं के मुताबिक कुल्लू शहर के सुल्तानपुर स्थित एक ऐतिहासिक मंदिर से भगवान रघुनाथ की मूर्ति चोरी होने के 45 दिनों बाद पुलिस ने 22 जनवरी को नेपाल से 30 वर्षीय संदिग्ध नर प्रसाद जैसी को धर दबोचा। वह अपराध के बाद इंटरनेट के जरिए पुलिस की गतिविधियों पर बराबर नजर रख रहा था।

पिछले साल नौ दिसंबर को आरोपी मंदिर में घुसा और मूर्तियां, बेशकीमती सामान और कलाकृतियां चुरा कर फरार हो गया।

एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “अपराध के बाद नौ से 13 दिसंबर के बीच वह कुल्लू और हरियाणा गया। 16 दिसंबर को उसकी आखिरी फोन गतिविधि का पता भारत-नेपाल सीमा पर चला।”

“पूछताछ के दौरान उसने बताया कि पुलिस द्वारा अतर्राज्यीय सीमाओं पर नाकेबंदी की वजह से उसने चोरी की हुई मूर्तियों और बेशकीमती सामानों को राज्य से बाहर ले जाने की अपनी योजना कुछ समय के लिए रद्द कर दी थी। वह सोशल मीडिया और इंटरनेट के जरिए सूचनाओं के आधार पर पुलिस की गतिविधियों पर बराबर नजर रख रहा था।”

पुलिस अधिकारी के मुताबिक “शुरुआत में वह झूठ बोल रहा था कि चोरी की गई मूतिर्यो को उसने बेच दिया है। लेकिन बाद में वह मूर्तियों के सही स्थान के बारे में जानकारी देने के लिए राजी हो गया। चूंकि उसे भारत नहीं लाया जा सकता लिहाजा हमने मूर्तियों के के सही ठिकाने का पता लगाने के लिए गूगल अर्थ का इस्तेमाल करने का फैसला किया।”

“चोरी के तीन दिन बाद उसने मूर्तियों को अपने साथ ले जाने का फैसला किया। वह जिस बस में सवार था। उसे पुलिस ने कुल्लू सीमा के नजदीक रोक दिया। वह तरोताजा होने के लिए जल्दी से बस से नीचे उतरा और मूर्तियों से भरा बैग जंगल गाड़ दिया। उसने लगभग तीन इंच की सबसे छोटी मूर्ति को अपने पास रख लिया। लेकिन जब उसने देखा कि पुलिस यात्रियों की तलाशी ले रही है तो उसने वह मूर्ति खिड़की से बाहर फेंक दी।”

उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 23 जनवरी को बजौरा से सभी मूर्तियां बरामद कर ली। बरामद किए गए आभूषणों में एक किलोग्राम सोना और 10 किलोग्राम चांदी शामिल हैं।

इस छानबीन का निगरानी कर रहे अतिरिक्त महानिदेशक संजय कुंदू ने कहा कि आरोपी अभी नेपाल में पुलिस की हिरासत में है। कुंदू ने आईएएनएस को बताया, “हमने उसके प्रत्यर्पण के लिए भारत सरकार से संपर्क किया है।”

पुलिस सूत्रों के मुताबिक मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे से मिली आरोपी की फुटेज और आईएमईआई (अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान) नंबर से इस मामले को सुलझाने में मदद मिली।

आरोपी ने मंदिर से भगवान रघुनाथ की मूर्ति के अलावा हनुमान की मूर्ति, स्वर्ण जड़ित नरसिंह शिला की पत्थर की मूर्ति, गणेश की चांदी की मूर्ति, चरण पादुका और आभूषण चुराए थे।

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