अयोध्या राम मंदिर के भूमिपूजन की तीसरी वर्षगांठ

अयोध्या-अयोध्या में राममंदिर भूमि पूजन की  तीसरी वर्षगांठ में भव्य मंदिर आकार ले रहा है। भूमि पूजन के तीन वर्ष बीत गए हैं। मंदिर के तरीबन 70 फीसद काम होने का दावा भी किया जा रहा है।

ट्रस्ट की ओर से मिली जानकारी के अनुसार मंदिर का गर्भगृह बनकर तैयार है, तो प्रथम तल के स्तंभों को भी लगाने का काम प्रारंभ कर दिया गया है। प्रथम तल पर रामदरबार की स्थापना होगी। वहीं जनवरी 2024 में राममंदिर भक्तों के लिए खुल जाएगा। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा भी जनवरी में होगी। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के शामिल होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर लिखा कि राम ब्रह्म चिनमय अबिनासी। सर्ब रहित सब उर पुर बासी। उन्होंने  लिखा कि श्री अयोध्या जी में निर्माणाधीन प्रभु श्री राम के भव्य-दिव्य मंदिर के भूमि-पूजन की वर्षगांठ पर सभी प्रदेशवासियों और रामभक्तों को हार्दिक बधाई। यह पावन दिन युगों-युगों तक सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक रहेगा। जय श्री राम।

उधर, प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, संघ व विहिप तैयारियों में जुटा है। वहीं राममंदिर के समानांतर ही रामनगरी भी नए रूप में आकार ले रही है। इन तीन सालों में रामनगरी में भक्तों की संख्या चार गुना बढ़ गयी है इसलिए यहां यात्री सुविधाएं विकसित करने की गति भी तेज हो चली है। मंदिर निर्माण के साथ-साथ श्रद्धालुओं के दर्शन पूजन की व्यवस्था में मंदिर के चारों तरफ परकोटे का निर्माण कार्य भी बेहद तेज गति से चल रहा है।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा अपने सोशल मीडिया पेज पर अपलोड की गई तस्वीरों में फर्स्ट फ्लोर की छत का निर्माण कार्य और परकोटे के निर्माण कार्य की प्रगति को दर्शाया गया। बता दें कि अभी तक ग्राउंड फ्लोर पर भगवान रामलला के गर्भ गृह से लेकर परिक्रमा पथ और मंडप का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है।

इसके बाद अब मंदिर के प्रथम तल पर निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। ग्राउंड फ्लोर पर फिनिशिंग का काम करने के साथ ही दरवाजे लगाने का काम भी तेज गति से चल रहा है। इसके लिए दक्षिण भारत से आए विशेष काष्ठ कलाकार और महाराष्ट्र के चंद्रपुर से आई लकड़ियों के जरिए दरवाजे बनाए जा रहे हैं।राम मंदिर के गर्भगृह में श्वेत संगमरमर के खंभे व नक्काशीदार दीवार बनाई गई है। ग्राउंड फ्लोर पर ही रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है।

इस तल के ढांचे के निर्माण के बाद अब उसके खंभों पर देवताओं की मूर्तियों को उकेरने के साथ फर्श और बिजली की सजावट का काम होना है। इसके साथ ही मंदिर के पहले तल का निर्माण भी बहुत तेजी के साथ चल रहा है। इस तल पर राम दरबार की स्थापना होनी है।

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