चेन्नई, 31 जनवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु के रानीपेट शहर में एक ‘एफ्लुएंट ट्रीटमेंट टैंक’ फट जाने से उसके कीचड़ में डूबकर 10 मजदूरों की मौत हो गई। अधिकारियों ने मामले की जानकारी दी।
मरने वालों में नौ पश्चिम बंगाल से थे और एक रानीपेट का ही निवासी था। वे सभी कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) टैंक से सटे एक कमरे में सो रहे थे।
एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “टैंक शनिवार तड़के 3.30 बजे फटा और श्रमिक इससे निकलने वाले मोटे चिपचिपे तरल में डूब गए, जिससे उनकी मौत हो गई।”
यह इकाई 86 चमड़ा कारखानों के लिए सीटीईपी का संचालन कर रही थी। बड़ा टैंक तकरीबन 10 फीट की उंचाई पर स्थापित था।
पुलिस के मुताबिक दो लोगों का सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम ने एक बयान जारी कर दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को तीन-तीन लाख रुपये और घायलों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की सांत्वना राशि देने की घोषणा की।
उन्होंने यह भी कहा कि मृतकों के शवों को उनके पैतृक नगर भेजने का खर्च तमिलनाडु सरकार वहन करेगी।
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