मछुआरों की नौकाओं की निगरानी के लिए प्रणाली की मांग

कोलकाता, 31 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय तट रक्षक ने शनिवार को देश की तटीय सुरक्षा को और मजबूत बनाने और तट के समीप चलने वाली 2.5 लाख से ज्यादा मछली मारने वाली नौकाओं पर नजर रखने के लिए निगरानी प्रणाली विकसित किए जाने का आह्वान किया।

कोलकाता, 31 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय तट रक्षक ने शनिवार को देश की तटीय सुरक्षा को और मजबूत बनाने और तट के समीप चलने वाली 2.5 लाख से ज्यादा मछली मारने वाली नौकाओं पर नजर रखने के लिए निगरानी प्रणाली विकसित किए जाने का आह्वान किया।

तट रक्षक के 38वें गठन दिवस के मौके पर मीडिया को संबोधित करते हुए उत्तर पूर्व में पश्चिम बंगाल से ओडिशा तक के तट रक्षा कमांडर महानिरीक्षक वी. एस. आर. मूर्ति ने कहा कि पश्चिम बंगाल के दक्षिणी 24 परगना जिले के सागर द्वीप पर गहरे समुद्र में स्थित बंदरगाह पर भी बल अपनी संचालन क्षमता सुधारने में जुटा है।

उन्होंने कहा, “भारत में 2.5 लाख मछली मारने वाली नौका है। जब तक हम वास्तविक रूप से जांच नहीं कर लेते तब तक आप यह बिलकुल नहीं जान सकते कि नौका पर सवार लोग मित्र हैं या शत्रु और हर नौका की जांच संभव भी नहीं है।”

मूर्ति ने कहा, “इसलिए एक प्रणाली का विकास करना अनिवार्य है और प्रत्येक नौका पर एक साधारण ट्रांसपोंडर लगाकर इन नौकाओं की गतिविध पर नजर रखी जा सकती है। जहां बड़े जहाजों पर नौवहन प्रणाली होने से वे हमारी नजरों से बच नहीं सकते, लेकिन इन छोटी नौकाओं पर ऐसी प्रणाली के नहीं होने से ये खतरे का कारण बन सकती हैं।”

विस्फोटकों से लदी पाकिस्तान की मछली मारने वाली एक संदिग्ध नौका को गुजरात में समुद्र तट के पास तट रक्षक द्वारा पकड़ लिए जाने के बाद समुद्र में ही विस्फोट होने के आलोक में उन्होंने मछली मारने वाली नौकाओं की निगरानी विकसित करने पर जोर दिया।

केंद्रीय जहाजरानी, राजमार्ग एवं सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस महीने के शुरू में 12000 करोड़ रुपये की परियोजना को हरीझंडी दी थी।

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मछुआरों की नौकाओं की निगरानी के लिए प्रणाली की मांग

कोलकाता, 31 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय तट रक्षक ने शनिवार को देश की तटीय सुरक्षा को और मजबूत बनाने और तट के समीप चलने वाली 2.5 लाख से ज्यादा मछली मारने वाली नौकाओं पर नजर रखने के लिए निगरानी प्रणाली विकसित किए जाने का आह्वान किया।

कोलकाता, 31 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय तट रक्षक ने शनिवार को देश की तटीय सुरक्षा को और मजबूत बनाने और तट के समीप चलने वाली 2.5 लाख से ज्यादा मछली मारने वाली नौकाओं पर नजर रखने के लिए निगरानी प्रणाली विकसित किए जाने का आह्वान किया।

तट रक्षक के 38वें गठन दिवस के मौके पर मीडिया को संबोधित करते हुए उत्तर पूर्व में पश्चिम बंगाल से ओडिशा तक के तट रक्षा कमांडर महानिरीक्षक वी. एस. आर. मूर्ति ने कहा कि पश्चिम बंगाल के दक्षिणी 24 परगना जिले के सागर द्वीप पर गहरे समुद्र में स्थित बंदरगाह पर भी बल अपनी संचालन क्षमता सुधारने में जुटा है।

उन्होंने कहा, “भारत में 2.5 लाख मछली मारने वाली नौका है। जब तक हम वास्तविक रूप से जांच नहीं कर लेते तब तक आप यह बिलकुल नहीं जान सकते कि नौका पर सवार लोग मित्र हैं या शत्रु और हर नौका की जांच संभव भी नहीं है।”

मूर्ति ने कहा, “इसलिए एक प्रणाली का विकास करना अनिवार्य है और प्रत्येक नौका पर एक साधारण ट्रांसपोंडर लगाकर इन नौकाओं की गतिविध पर नजर रखी जा सकती है। जहां बड़े जहाजों पर नौवहन प्रणाली होने से वे हमारी नजरों से बच नहीं सकते, लेकिन इन छोटी नौकाओं पर ऐसी प्रणाली के नहीं होने से ये खतरे का कारण बन सकती हैं।”

विस्फोटकों से लदी पाकिस्तान की मछली मारने वाली एक संदिग्ध नौका को गुजरात में समुद्र तट के पास तट रक्षक द्वारा पकड़ लिए जाने के बाद समुद्र में ही विस्फोट होने के आलोक में उन्होंने मछली मारने वाली नौकाओं की निगरानी विकसित करने पर जोर दिया।

केंद्रीय जहाजरानी, राजमार्ग एवं सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस महीने के शुरू में 12000 करोड़ रुपये की परियोजना को हरीझंडी दी थी।

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