हर साल लाखों श्रद्धालु केदारनाथ धाम की यात्रा पर निकलते हैं, लेकिन पहाड़ी रास्ता लंबा और कठिन होने की वजह से ये सफर काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है. फिलहाल, यात्री गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक लगभग 16 किलोमीटर का पैदल ट्रैक तय करते हैं. लेकिन अब ये दूरी जल्द ही कम होने वाली है. दरअसल, केंद्र सरकार ने केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित और आसान बनाने के लिए एक योजना बनाई है. इसके तहत अब 7 किलोमीटर लंबी एक सुरंग (टनल) बनाई जाएगी, जिससे यात्रियों का रास्ता करीब 11 किलोमीटर छोटा हो जाएगा.
इस नई योजना के तहत सुरंग चौमासी गांव से शुरू होकर लिंचोली तक जाएगी, जो केदारनाथ मंदिर से लगभग 5 किलोमीटर पहले पड़ता है. चौमासी गांव तक पक्की सड़क पहले से बनी हुई है, यानि श्रद्धालु वहां तक कार या बस से पहुंच सकेंगे. इसके बाद, टनल से सीधे लिंचोली पहुंचा जाएगा और फिर वहां से केवल 5 किलोमीटर का ट्रैक रह जाएगा. यह टनल कालीमठ घाटी के आखिरी गांव चौमासी से शुरू होकर केदारनाथ के नजदीक लिंचोली तक जाएगी. यह पूरी योजना केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के तहत बनाई जा रही है और शुरुआती सर्वेक्षण का काम पूरा हो चुका है.
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