वाशिंगटन-अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ही भारत-अमेरिका संबंधों को शानदार बताया था और कहा था कि वह भारत के बहुत करीब हैं और भारतीय प्रधानमंत्री के साथ उनके बहुत अच्छे संबंध हैं. लेकिन दूसरी तरफ ट्रंप प्रशासन भारत को एक बड़ा झटका देने की तैयारी भी कर रहा है. ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि ईरान के बंदरगाह चाबहार का संचालन करने वाले लोगों पर इस महीने के अंत से प्रतिबंध लगा दिए जाएंगे. इस फैसले का भारत पर भी असर पड़ेगा जो इस रणनीतिक बंदरगाह पर एक टर्मिनल को विकसित कर रहा है.
चाबहार बंदरगाह ईरान के दक्षिणी तट पर सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में स्थित है. भारत और ईरान इसे व्यापार एवं संपर्क बढ़ाने के लिए विकसित कर रहे हैं. अमेरिकी विदेश विभाग के प्रमुख उप प्रवक्ता थॉमस पिगॉट ने सप्ताह की शुरुआत में जारी एक बयान में कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों में छूट देने वाले 2018 के आदेश को रद्द किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह कदम ईरानी शासन को अलग-थलग करने के लिए अधिकतम दबाव डालने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीति के अनुरूप है.
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रमुख उप प्रवक्ता थॉमस पिगॉट कहा कि विदेश मंत्री ने अफगानिस्तान पुनर्निर्माण मदद एवं आर्थिक विकास के लिए ईरान स्वतंत्रता एवं परमाणु प्रसार-रोधी अधिनियम (आईएफसीए) के तहत 2018 में जारी प्रतिबंध छूट को रद्द कर दिया है. यह आदेश 29 सितंबर, 2025 से प्रभावी हो जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रतिबंध के प्रभावी हो जाने के बाद चाबहार बंदरगाह का संचालन करने वाले या संबंधित गतिविधियों में शामिल लोग प्रतिबंधों के दायरे में आ सकते हैं.
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