इंदौर- मध्य प्रदेश के इंदौर से फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां कुछ शातिर ठगों ने खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर एक युवक को न केवल उसके घर से उठाया, बल्कि उसके साथ मारपीट, धमकी और 5 लाख से ज्यादा की लूट की वारदात को अंजाम दिया। इंदौर क्राइम ब्रांच ने इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि एक मुख्य साजिशकर्ता अभी फरार है।
क्राइम ब्रांच ने तीन आरोपियों, दीपक तिवारी, अमन लखिया और नीरज तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है और अब फरार मुख्य साजिशकर्ता की तलाश तेज कर दी है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से आगे की पूछताछ के लिए रिमांड मांगी जाएगी ताकि पूरे षड्यंत्र की गहराई से जांच की जा सके। डीसीपी (क्राइम ब्रांच) राजेश त्रिपाठी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से दो पर पहले से ही इंदौर के विभिन्न थानों में करीब दो दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि एक सागर निवासी व्यक्ति ने ही इन आरोपियों को पैसे देने का लालच देकर पूरी वारदात करवाने की साजिश रची थी। उसका स्नेह से क्रिप्टो ट्रेडिंग को लेकर विवाद चल रहा था।
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