भोपाल-मध्य प्रदेश विधानसभा में शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन जमकर हंगामा हुआ. सदन के अंदर भी, सदन के बाहर भी विपक्ष ने सरकार को जमकर घेरा. सदन में ध्यान आकर्षण प्रस्ताव के दौरान भी कांग्रेस के सदस्य आसंदी के पास पहुंच गए और आरोप लगाया कि लगातार छोटे सत्र आयोजित कर विधायकों की भूमिका समाप्त करने का षड्यंत्र किया जा रहा है.विपक्षी विधायक छिंदवाड़ा सिरप कांड को लेकर विरोध-प्रदर्शन करते नजर आए।
विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायकों ने जोरदार प्रदर्शन किया।प्रदर्शन के दौरान विधायकों ने अपने साथ मासूम बच्चों के पुतले लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। एक कांग्रेस विधायिका ने ‘पूतना’ के रूप में गेटअप कर भाजपा सरकार की नीतियों और लापरवाही को प्रतीकात्मक रूप से दिखाया।
मध्य प्रदेश विधानसभा का ये सत्र 5 दिसंबर तक चलेगा, हालांकि विधानसभा की बैठक 4 दिन ही चलेगी, क्योंकि 3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी की बरसी पर स्थानीय अवकाश के कारण विधानसभा की भी छुट्टी रहेगी. इस छोटे से सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय को कुल 1497 सवाल मिले हैं, जिनमें 751 तारांकित और 746 अतारांकित प्रश्न हैं. वहीं, ध्यानाकर्षण की 194, स्थगन प्रस्ताव की 6, सूचनाएं मिली हैं. इसके अलावा, 2 शासकीय विधेयक भी सत्र में पारित होने हैं.मध्य प्रदेश विधानसभा में शीतकालीन सत्र के पहले दिन कफ सिरप से 24 बच्चों की मौत, एमवाय अस्पताल में चूहों के काटने से नवजातों की मौत जैसी घटनाओं पर कांग्रेस ने खूब हंगामा किया. कांग्रेस विधायक सेना पटेल पूतना के रूप में गले में कफ़ सिरप की बोतल की माला पहने प्रदर्शन करती नज़र आई. आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार मासूमों के जीवन के लिए ख़तरा बन चुकी है.
विधानसभा के शीतकालीन सत्र को मात्र 5 दिन में समेटने पर भी विपक्ष ने आपत्ति जताई. कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने आरोप लगाया कि सत्र छोटा करके विधायकों की अहमियत कम की जा रही है. इस पर कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने सफाई देते हुए कहा कि हम जनता की आवाज़ हमेशा सुनते हैं, आज भी सुनेंगे, सत्र छोटा नहीं हो रहा है.सदन की कार्यवाही के दौरान अतिवृष्टि से हुए किसानों को हुए नुकसान पर भी नियम 139 के तहत चर्चा हुई. इस मौके पर कांग्रेस ने विधायकों को व्हिप जारी कर सरकार के खिलाफ वोट करने को कहा. इसके अलावा, भावांतर के मुद्दे पर भी सरकार कांग्रेस के सवालों से घिरी ही, खुद बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी अपनी सरकार पर सवाल उठा दिया. वहीं, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि योजना में 2 लाख 67 हजार किसानों को 432 करोड़ रुपये भावांतर की राशि के रूप में दिए गए हैं.
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