छतरपुर- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के परा गांव में बुधवार को खाद वितरण केंद्र पर भारी अव्यवस्था के बीच ऐसा तनावपूर्ण माहौल बना गया। नायब तहसीलदार ऋतु सिंघई पर एक छात्रा को थप्पड़ मारने, एक किसान की कॉलर पकड़ने और एक महिला के साथ मारपीट करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। किसानों और महिलाओं की शिकायत है कि उन्हें एक महीने से खाद नहीं मिल रही है और अधिकारी टोकन देने के नाम पर परेशान कर रहे हैं।
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब एमए तीसरे सेमेस्टर की छात्रा गुड़िया पटेल खाद लेने पहुंची। गुड़िया का आरोप है कि वह दो महीने से केंद्र के चक्कर लगा रही है लेकिन हर बार टोकन न होने का बहाना बनाकर लौटा दिया जाता है। उसने बताया कि जब उसने नायब तहसीलदार से टोकन मांगा तो उन्हें कहा गया कि टोकन महिलाओं को नहीं बल्कि सिर्फ पुरुषों को ही दिए जाएंगे। गुड़िया के अनुसार, जब उसने दोबारा टोकन मांगा तो तहसीलदार ने उसे थप्पड़ मार दिया।
गुड़िया ने आगे आरोप लगाया कि गोदाम में लगभग 15 ट्रक खाद मौजूद हैं लेकिन किसानों को न देकर उसे ब्लैक में बेचा जा रहा है। उसका कहना था कि करीब 250 महिलाएं रात 2 बजे से लाइन में खड़ी थीं फिर भी किसी को खाद नहीं दी गई। कई महिलाएं पैसे देने के बावजूद खाद न मिलने से बेहद नाराज थीं।
बढ़ती भीड़ और हंगामे के बीच तहसीलदार ऋतु सिंघई और किसानों में तीखी बहस भी हुई। आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए तहसीलदार ने दावा किया कि भीड़ अनियंत्रित हो गई थी और महिलाएं जबरन पुरुषों की लाइन में घुस गईं और बदतमीजी करने लगीं थी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने उनके दुपट्टे और कॉलर तक खींचे और बेहद करीब से वीडियो बनाकर उन्हें उकसाने की कोशिश की। थप्पड़ मारने के सवाल पर तहसीलदार ने कहा कि उन्होंने सिर्फ उन लोगों के मोबाइल छीने जो बहुत पास से वीडियो बना रहे थे पर किसी को मारा नहीं।
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