नई दिल्ली-हिन्दू धर्म में किसी भी शुभ काम से पहले पंचांग देखना जरूरी माना गया है और पंचांग के जरिए दिन के शुभ-अशुभ मुहूर्त के बारे में पता चलता है. वैदिक पंचांग के अनुसार आज यानि 26 जनवरी 2026 को माघ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है जो कि बहुत ही खास है. क्योंकि आज मासिक दुर्गाष्टमी के साथ ही गुप्त नवरात्रि का भी आठवां दिन है. जो कि विजय की देवी मां पीतांबरा को समर्पित है. दोनों की तिथियां मां दुर्गा को समर्पित हैं और इस दिन उनका विधि-विधान से पूजन किया जाता है. इस दिन भक्त मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए उपवास रखते हैं और कुछ जगहों पर गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि के दिन नवरात्रि व्रत का भी समापन किया जाता है.मासिक दुर्गाष्टमी हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को आती है. इस दिन भक्तजन मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा करते हैं और पूरे दिन व्रत रखते हैं. मां भगवती की कृपा प्राप्त करने के लिए यह दिन बहुत खास माना जाता है दुर्गाष्टमी को दुर्गा अष्टमी या मास दुर्गाष्टमी भी कहा जाता है. दुर्गाष्टमी पर मां दुर्गा की पूजा में लाल फूल, सिंदूर, अक्षत, धूप-दीप और मिठाई का भोग लगाया जाता है. जो लोग अष्टमी का पूजन करते हैं वह मासिक दुर्गाष्टमी के दिन कन्या पूजन व हवन भी करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है.
वैदिक पंचांग के अनुसार माघ माह की अष्टमी तिथि 26 जनवरी, सोमवार को शाम 9 बजकर 17 मिनट तक रहेगी. इस दिन अश्विनी नक्षत्र बन रहा है जो कि दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा और उसके बाद भरणी शुरू होगा. आज चंद्रमा मेष राशि में गोचर करेंगे. बता दें कि आज सूर्योदय 7 बजकर 12 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 55 मिनट पर होगा.
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